रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार के शेखपुरा जिले में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) कार्यालय पर जोरदार घेराव और प्रदर्शन किया। सीपीआई के जिला सचिव प्रभात पांडेय की अगुवाई में भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना दिया। त्योहारी सीजन के दौरान भी पानी की किल्लत से जूझ रही जनता की आवाज उठाते हुए कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया।
कई प्रखंडों में नल-जल योजना और चापाकल ठप
Sheikhpura प्रदर्शन के दौरान सीपीआई जिला सचिव प्रभात पांडेय ने जिले में पानी की बदहाल स्थिति को उजागर किया। उन्होंने बताया कि अरियरी, चेवाड़ा, घाटकुसुंभा और शेखपुरा सदर प्रखंड के दो दर्जन से अधिक गांवों व महादलित टोलों में नल-जल योजनाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में सरकारी चापाकल भी खराब हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही, जिससे ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर हैं।
चापाकल मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप
Sheikhpura सीपीआई नेताओं ने PHED विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगाया। प्रभात पांडेय ने कहा कि चापाकल मरम्मत और नल-जल रखरखाव के नाम पर करोड़ों रुपये की सरकारी राशि का घोटाला किया गया है। कागजों पर मरम्मत का दावा किया जा रहा है, जबकि धरातल पर कहीं मोटर खराब पड़ी है तो कहीं पाइपलाइन बिछने के बावजूद घरों तक पानी की एक बूंद नहीं पहुंच पा रही है।
त्योहारी सीजन में भी बूंद-बूंद को तरस रहे लोग
Sheikhpura त्योहारों के समय में भी बुनियादी सुविधाओं का न होना बेहद चिंताजनक है। सीपीआई नेता ने कहा कि जहां एक तरफ लोग दशहरा का पावन पर्व मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महादलित बस्तियों और दूर-दराज के ग्रामीण दैनिक उपयोग के पानी के लिए कठिन संघर्ष कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और PHED विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई कर पेयजल आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए।

