Eknath Shinde supports independent candidate:महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन के भीतर अंदरूनी कलह और मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने बड़ा दांव चलते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ एक निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा कर दी है, जिससे राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
पुणे शिक्षक सीट पर महायुति में तकरार
Eknath Shinde supports independent candidate:विधान परिषद की 5 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर खींचतान जारी है:
- बीजेपी बनाम शिवसेना: पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी ने कौस्तुभ गावड़े को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि इस सीट पर शिवसेना भी अपना दावा ठोक रही थी।
- निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन: शिवसेना (शिंदे गुट) ने बागी तेवर दिखाते हुए निर्दलीय उम्मीदवार और मंत्री उदय सामंत के ओएसडी रह चुके सचिन सानप को 100 प्रतिशत समर्थन देने का ऐलान किया है।
- चुनावी प्रचार: इस फैसले के बाद अब शिवसेना सीधे तौर पर सचिन सानप के चुनाव प्रचार में जुट गई है, जिससे यह मुकाबला बेहद दिलचस्प और महायुति के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
शिंदे ने क्यों खेला यह दांव? और क्या है अमरावती का हाल?
Eknath Shinde supports independent candidate:राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पुणे सीट शिवसेना के कोटे में आने की उम्मीद थी, लेकिन यह बीजेपी के खाते में चली गई।
- नामांकन और रणनीतिक बदलाव: शुरुआत में शिंदे के करीबी मंगेश चिवटे को चुनाव मैदान में उतारने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में उन्हें अपना नामांकन वापस लेना पड़ा। इसके बाद शिवसेना ने निर्दलीय सचिन सानप का समर्थन करने का फैसला किया।
- अमरावती में भी चुनौती: सिर्फ पुणे ही नहीं, बल्कि अमरावती सीट पर भी महायुति के भीतर खींचतान देखने को मिल रही है। यहां शिवसेना के उम्मीदवार के सामने बीजेपी का बागी उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहा है।
एकनाथ शिंदे का बयान: “महायुति सभी पांचों सीटें जीतेगी”
Eknath Shinde supports independent candidate:विपक्ष द्वारा गठबंधन में फूट के दावे किए जाने के बीच, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। पुणे में दिए गए बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि सचिन सानप को उनकी पार्टी का पूरा समर्थन प्राप्त है।
साथ ही, गठबंधन में मतभेदों पर बात करते ہوئے शिंदे ने कहा कि विधान परिषद का चुनाव मुख्य रूप से महायुति के रूप में ही लड़ा जा रहा है, हालांकि कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर अपवाद (विद्रोह यास्ताना) हो सकते हैं। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि अंदरूनी समीकरणों के बावजूद महायुति राज्य की सभी पांचों विधान परिषद सीटों पर शानदार जीत हासिल करेगी।
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