रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Raja Warring : पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी आंतरिक कलह और गुटबाजी के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में पंजाब के नए पार्टी प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट द्वारा केंद्रीय आलाकमान को सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। कांग्रेस हाईकमान अगले 24 से 48 घंटों के भीतर राज्य के नए पार्टी प्रमुख का आधिकारिक ऐलान कर सकता है।
सचिन पायलट ने संभाली थी कमान, नेताओं से फीडबैक के बाद हाईकमान ने लिया फैसला
Raja Warring कांग्रेस हाईकमान ने 5 सितंबर को सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया था, ताकि पार्टी में पनप रहे असंतोष को सुलझाया जा सके। पायलट ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न गुटों के साथ मैराथन बैठकें कर पार्टी संगठन की वास्तविक स्थिति पर फीडबैक लिया। सूत्रों के अनुसार, पायलट की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि नेताओं के बीच जारी आपसी मतभेदों के कारण संगठन को नुकसान पहुँच रहा है, जिसके बाद हाईकमान ने नेतृत्व परिवर्तन की इस योजना को हरी झंडी दे दी।
चन्नी और रंधावा गुट से चल रहा था टकराव, जुलाई में बनी व्यवस्था भी रही विफल
Raja Warring राजा वडिंग के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही पंजाब कांग्रेस के कई दिग्गज नेता उनके खिलाफ मुखर थे। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित विरोधी खेमे के नेताओं ने कई बार प्रदेश नेतृत्व बदलने की मांग उठाई थी। हालाँकि, हाईकमान ने संतुलन साधने के लिए 1 जुलाई को चन्नी को कैंपेन कमेटी और विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन समिति का प्रमुख बनाया था, लेकिन इसके बावजूद नेताओं के बीच खींचतान सार्वजनिक रूप से जारी रही।
विजय इंदर सिंगला और परगट सिंह रेस में, नए अध्यक्ष के लिए इन नामों पर चर्चा तेज
Raja Warring राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। नए अध्यक्ष की रेस में पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे चल रहा है, जो हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अतिरिक्त जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नामों पर भी विचार किया जा रहा है, जो जाट सिख समुदाय से आते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए किसी सर्वमान्य और संतुलित चेहरे को कमान सौंपेगी।

