रिपोर्टर: अनुप रस्ताेगी
Sidhi : मध्यप्रदेश के सीधी जिले से धान मिलिंग में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। सिहावल तहसील के हटवा स्थित ‘बजरंग इंडस्ट्रीज’ पर अनुबंध के तहत उठाए गए धान के बदले करोड़ों रुपए का चावल जमा नहीं करने का आरोप लगा है। इतना ही नहीं, मिलर द्वारा जमा कराई गई करीब 14 करोड़ रुपए की एफडीआर (FDR) भी बैंक जांच में कूट रचित और फर्जी पाई गई है।
361 में से केवल 44 लॉट चावल ही कराया जमा
Sidhi नागरिक आपूर्ति निगम के विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजरंग इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर अमन यादव के साथ 361 लॉट धान मिलिंग का करार किया गया था। मिलर ने जारी डिलीवरी ऑर्डर के तहत धान की पूरी मात्रा उठा ली, लेकिन बदले में निर्धारित 285 लॉट के मुकाबले सिर्फ 44 लॉट चावल ही जमा कराया। 15 सितंबर 2026 की समयावधि बीत जाने के बाद भी 241 लॉट चावल बकाया है, जिसकी अनुमानित लागत 27.68 करोड़ रुपए है।
14 करोड़ की एफडीआर फर्जी, एसबीआई रिपोर्ट में खुलासा
Sidhi मामले की गंभीरता को देखते हुए जब मिलर द्वारा सुरक्षा निधि के रूप में जमा कराई गई 14 करोड़ रुपए की एफडीआर (FDR) का सत्यापन भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सीधी शाखा से कराया गया, तो जांच रिपोर्ट में एफडीआर फर्जी पाई गई। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और विभागीय स्तर पर सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जिला प्रबंधक को नोटिस और मिलर पर एफआईआर के निर्देश
Sidhi नकली बैंक गारंटी और चावल जमा न करने के बाद मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सीधी के जिला प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने संबंधित थाने में आरोपी मिलर अमन यादव के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और विभाग मामले के सभी दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं की गहन जांच कर रहे हैं।

