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By: Ravindra Singh

MP Monsoon : मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, इससे पहले राज्य के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 18 से 21 सितंबर के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 22 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

37 जिलों में सामान्य से कम बारिश

MP Monsoon मानसून के मौजूदा सीजन में प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

वहीं इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आलीराजपुर में सामान्य की तुलना में करीब 50 फीसदी बारिश ही दर्ज हुई है। इसके विपरीत निवाड़ी में सामान्य से 54 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

भोपाल समेत कई इलाकों में तेज बारिश

MP Monsoon गुरुवार को भोपाल, सीहोर और देवास में बारिश का जोरदार दौर देखने को मिला। भोपाल-इंदौर मार्ग पर सोनकच्छ में तेज बारिश के दौरान दृश्यता काफी कम हो गई, जिसके चलते वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा।

ग्वालियर में दिनभर उमस के बाद शाम को मौसम बदला और तेज बारिश हुई। बारिश के बाद लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय

MP Monsoon मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है।

इसके अलावा मानसून ट्रफ इस सिस्टम से होकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य भारत में नमी बनी हुई है और बारिश की गतिविधियों को समर्थन मिल रहा है।

19 सितंबर के आसपास बन सकता है नया सिस्टम

MP Monsoon मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 18 और 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 19 सितंबर की शाम के आसपास एक नई मौसम प्रणाली बनने की संभावना जताई गई है।

उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर में कम दबाव का नया क्षेत्र बनने के संकेत हैं।

यह सिस्टम आगे दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। इसके असर से मध्य प्रदेश के मौसम में दोबारा बदलाव देखने को मिल सकता है।

MP में अब तक 33.1 इंच बारिश

MP Monsoon मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 842.1 मिलीमीटर यानी करीब 33.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य मानसूनी कोटे का 88.9 फीसदी है।

इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 905.3 मिलीमीटर यानी लगभग 35.6 इंच है। इस लिहाज से प्रदेश में अभी करीब 2.5 इंच बारिश की कमी बनी हुई है।

कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 7 फीसदी कम है। पूर्वी हिस्से में कमी करीब 2 फीसदी, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा करीब 11 फीसदी है। मानसून की विदाई से पहले होने वाली बारिश से कम बारिश वाले जिलों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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