रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Bhopal : मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 के तहत पदों में बढ़ोतरी और द्वितीय काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। भोपाल के नीलम पार्क में जारी इस आंदोलन के 26वें दिन वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकाला। इस दौरान बीते पांच दिनों से निर्जला उपवास पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने पर सह-अभ्यर्थियों द्वारा उन्हें ठेले पर बैठाकर रैली में ले जाया गया।
वर्ग-2 में 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग
Bhopal प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे बीते 11 महीनों से अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर स्पष्ट किया है:
- वर्ग-2 में पद वृद्धि: प्राथमिक मांग के तहत वर्ग-2 के प्रत्येक विषय में न्यूनतम 3 हजार पद अथवा पूरे वर्ग में कम से कम 10 हजार पदों की तत्काल वृद्धि की जाए।
- वर्ग-3 में पद वृद्धि: प्राथमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-3) में पदों की कुल संख्या बढ़ाकर न्यूनतम 25 हजार की जाए।
- द्वितीय काउंसलिंग: दोनों ही वर्गों में बची हुई सीटों और नए पदों को शामिल करते हुए द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
विधानसभा के आंकड़ों का हवाला देकर घेरी सरकारी नीति
Bhopal आंदोलनकारियों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भारी कमी को उजागर करते हुए सरकारी आंकड़ों का उल्लेख किया। अभ्यर्थियों के अनुसार, राज्य में स्वीकृत 2.89 लाख से अधिक पदों में से लगभग 1.15 लाख पद वर्तमान में खाली पड़े हैं। इसके अलावा, राज्य के करीब 1,968 विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 46,000 से अधिक स्कूलों में मात्र दो शिक्षक पदस्थ हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि इन खाली पदों को भरकर युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है।
मांगे पूरी न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
Bhopal इससे पहले भी अभ्यर्थी मुंडन कराने और मार्कशीट जलाने जैसे विरोध प्रदर्शन दर्ज करा चुके हैं। आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अन्य विपक्षी दलों का समर्थन भी मिल चुका है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पद वृद्धि और द्वितीय काउंसलिंग का आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। मांगें पूरी न होने की सूरत में आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री निवास के घेराव की चेतावनी दी है।

