रिपोर्टर: अभिषेक राणा
New Delhi : भारतीय सशस्त्र बलों में नारी शक्ति के बढ़ते कदम का एक और ऐतिहासिक उदाहरण सामने आया है। राजस्थान से ताल्लुक रखने वाली भारतीय सेना की युवा अधिकारी मेजर नव्या शेखावत को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ‘एड्स-डी-कैंप’ (ADC) नियुक्त किया गया है। वे इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली भारतीय सेना की पहली महिला सैन्य अधिकारी बन गई हैं।
सेना की पहली और देश की दूसरी महिला ADC
New Delhi मेजर नव्या शेखावत की यह उपलब्धि भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। वे राष्ट्रपति की एडीसी की जिम्मेदारी संभालने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अफसर हैं। संपूर्ण सैन्य बलों की बात करें तो वे इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला अधिकारी हैं। उनसे पहले वर्ष 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी को राष्ट्रपति का एडीसी नियुक्त किया गया था।
क्या होता है एडीसी का काम और जिम्मेदारी?
New Delhi राष्ट्रपति भवन में एडीसी (एड्स-डी-कैंप) की भूमिका बेहद अहम और प्रोटोकॉल से भरी होती है। एडीसी वे सैन्य अधिकारी होते हैं जो राष्ट्रपति के सभी आधिकारिक कार्यक्रमों, राष्ट्रीय समारोहों और विदेशी दौरों पर साए की तरह उनके साथ रहते हैं। भारत के राष्ट्रपति के पास कुल पांच एडीसी तैनात होते हैं, जिनमें तीन भारतीय सेना से और एक-एक नौसेना व वायु सेना से चुने जाते हैं। ये अधिकारी आधिकारिक प्रोटोकॉल, हाई-लेवल बैठकों के समन्वय और राष्ट्रपति के दैनिक औपचारिक कार्यों में सीधा सहयोग प्रदान करते हैं।
CDS परीक्षा से राष्ट्रपति भवन तक का सफर
New Delhi मेजर नव्या शेखावत का सैन्य करियर प्रतिभा और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS-I 2020) परीक्षा में सफलता हासिल की। इसके बाद चेन्नई स्थित प्रतिष्ठित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में अपना कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के उपरांत वर्ष 2021 में उन्हें भारतीय सेना की लॉजिस्टिक्स शाखा ‘आर्मी सर्विस कोर’ (ASC) में कमीशन मिला। अपनी उत्कृष्ट सेवा और कार्यकुशलता के बल पर वे महज पांच वर्षों के सेवाकाल में मेजर की रैंक तक पहुंचीं और अब देश के सर्वोच्च संवैधानिक कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
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