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आगरा से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां कुछ पीड़ित परिवारों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुग्रीव सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिवारों ने वर्ष 2004 और 2015 की कुछ चर्चित हत्याओं के साथ-साथ 18 जून 2024 को एक प्लांट में गैस रिसाव से हुई मानवेंद्र उर्फ राजू की मौत के मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की गुहार लगाई है। सीएम योगी आदित्यनाथ सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र भेजकर न्याय की मांग की गई है।

हत्या के मामलों में नाम हटाने और पुराने राजनीतिक इतिहास पर उठे सवाल

पीड़ित पक्षों का मुख्य आरोप है कि वर्ष 2015 के एक हत्या के मुकदमे में साजिश के तहत चार्जशीट से सुग्रीव सिंह चौहान का नाम हटा दिया गया था। परिवारों द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, चौहान पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं और वर्ष 2004 में सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रहने के अलावा 2015 में सपा के टिकट पर ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। इन पुराने आपराधिक और राजनीतिक कनेक्शनों को आधार बनाते हुए परिवारों ने कड़े सवाल खड़े किए हैं।

प्लांट में गैस रिसाव से हुई मौत पर लापरवाही का गंभीर आरोप

पिछले साल 18 जून 2024 को हुई मानवेंद्र उर्फ राजू की मौत के मामले में भी गंभीर खुलासे किए गए हैं। पीड़ित परिवार के सदस्य जितेंद्र सिंह का आरोप है कि प्लांट में खतरनाक गैस रिसाव होने की बात छिपाई गई और बिना किसी पूर्व जानकारी या सुरक्षा उपायों के मानवेंद्र को काम पर झोंक दिया गया, जिसके चलते उसकी जान चली गई। इस हादसे के संबंध में भी सुग्रीव सिंह चौहान समेत तीन लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल होने का दावा किया गया है।

सीएम योगी और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा गया शिकायती पत्र

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवारों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इन पत्रों के माध्यम से सभी पुरानी और नई घटनाओं की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा, आरोपी नेता को भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पद से तत्काल हटाए जाने की भी पुरजोर मांग उठी है। हालांकि, इन तमाम गंभीर आरोपों पर संबंधित नेता या उनके पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।