By: Ravindra Singh
Raksha Bandhan 2026 : भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। पर्व को लेकर अक्सर लोगों के मन में भद्रा, पंचक और शुभ समय को लेकर कई संशय बने रहते हैं। कई बहनें इस बात को लेकर भी असमंजस में रहती हैं कि क्या सुबह का समय बीत जाने के बाद शाम को रक्षासूत्र बांधना शास्त्रसम्मत है या नहीं। आइए जानते हैं इस वर्ष राखी बांधने की सबसे उत्तम समयावधि और राहुकाल का समय।
सुबह का समय सबसे फलदायी, दिनभर उपलब्ध रहेंगे कई मुहूर्त
Raksha Bandhan 2026 ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा। बहनें अपनी सुविधानुसार सुबह, दोपहर अथवा संध्याकाल में भी रक्षासूत्र बांध सकती हैं। हालांकि, रक्षाबंधन का सबसे उत्तम और श्रेष्ठ मुहूर्त 28 अगस्त की सुबह 05:57 बजे से लेकर 09:48 बजे तक रहेगा। इस समयावधि में भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना विशेष रूप से फलदायी और कल्याणकारी माना गया है।
चंद्र ग्रहण और पंचक को लेकर भ्रम दूर करें
Raksha Bandhan 2026 इस बार रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण और पंचक की उपस्थिति को लेकर भी चर्चाएं हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान (अदृश्य) नहीं होगा। जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां उसका सूतक काल और धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होता है। वहीं, इस दिन लगने वाला पंचक भी सामान्य श्रेणी का है, इसलिए रक्षाबंधन के पर्व पर रक्षासूत्र बांधने में किसी प्रकार का कोई विधान संबंधी व्यवधान नहीं है।
राहुकाल की अवधि में राखी बांधने से परहेज करें
Raksha Bandhan 2026 रक्षाबंधन के दिन शुभ कार्यों के दौरान राहुकाल का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। 28 अगस्त को सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक राहुकाल रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल के दौरान रक्षासूत्र बांधने जैसे मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए। यदि सुबह का प्रात:काल मुहूर्त छूट जाता है, तो बहनें राहुकाल की समाप्ति के पश्चात दोपहर या शाम के समय भी सहजता से राखी बांध सकती हैं।
ये भी पढ़े: कुसेढ़ी में दो दिवसीय श्रावणी महोत्सव का आगाज़: मंत्री अशोक चौधरी बोले— बाढ़ पर सतर्क है बिहार सरकार

