रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : 12 सितंबर, 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सुपौल द्वारा प्राथमिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी कड़ी में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से निस्तारण को लेकर एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक प्रभारी सचिव मोहम्मद अफजल आलम की पहल पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री राकेश कुमार तृतीय की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
मोटर दुर्घटना दावों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर बल
Supaul बैठक में लंबित MACT मामलों की गहन समीक्षा के बाद कुल 85 मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादन के लिए चिह्नित किया गया। न्यायधीशों एवं अधिवक्ताओं ने विचार-विमर्श के दौरान कहा कि सड़क दुर्घटना दावों में पीड़ितों और बीमा कंपनियों के बीच लंबे समय तक मुकदमेबाजी चलती रहती है। लोक अदालत के माध्यम से ऐसे विवादों को सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने से पीड़ितों को तत्काल आर्थिक राहत मिलती है, वहीं अदालतों पर भी मुकदमों का भार कम होता है।
समन्वय और पक्षकारों से संवाद स्थापित करने की रणनीति
Supaul चिह्नित 85 मामलों के प्रभावी निस्तारण के लिए बीमा कंपनियों, अधिवक्ताओं और पीड़ित पक्षकारों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। बैठक में उपस्थित जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों—अध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर, सचिव सुधीर कुमार झा तथा संबंधित वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भाग लिया। अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे समय रहते अपने-अपने पक्षकारों से संपर्क साधें और उन्हें लोक अदालत के फायदों से अवगत कराते हुए राजीनामे के लिए प्रोत्साहित करें।
सुलभ और निःशुल्क न्याय का प्रभावी माध्यम
Supaul प्रभारी सचिव मो. अफजल आलम ने कहा कि लोक अदालत व्यवस्था का मूल उद्देश्य बिना किसी विधिक पेचीदगी के नागरिकों को सुलभ, त्वरित और निःशुल्क न्याय प्रदान करना है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से सर्वमान्य हल निकाला जाता है, जिससे जीत-हार की भावना समाप्त होती है और सामाजिक सौहार्द बना रहता है। सुपौल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आगामी 12 सितंबर की लोक अदालत में अधिकतम मुकदमों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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