रिपोर्टर: अरविन्द साहू
Sahebganj : आतंकी साजिशों के खिलाफ चल रही देशव्यापी मुहिम में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। बर्धमान से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने उसकी महिला मित्र अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से धर दबोचा। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस गिरफ्तारी से आतंकवाद के लिए किए जाने वाले ‘हनीट्रैप’ मॉड्यूल का बड़ा पर्दाफाश हो सकता है।
Sahebganj साहिबगंज से हुई गिरफ्तारी, हनीट्रैप के जरिए प्रभावशालियों को निशाना बनाने का शक
बर्धमान से संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ उससे लगातार पूछताछ कर रही थी। इस दौरान मिले कड़े तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर पता चला कि साहिबगंज की रहने वाली अर्पिता सरकार लगातार हमीम के संपर्क में थी। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि अर्पिता इस संगठित आतंकी नेटवर्क के लिए ‘हनीट्रैप’ के जरिए कई प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों को अपने जाल में फंसाने व उनसे खुफिया जानकारियां जुटाने का काम करती थी।
Sahebganj डिजिटल उपकरणों की जांच तेज, अंतर्राज्यीय नेटवर्क को खंगाल रही एजेंसियां
झारखंड से अर्पिता सरकार को हिरासत में लेने के बाद एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। अर्पिता के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। उसके संपर्क सूची और सोशल मीडिया खातों से यह पता लगाया जा रहा है कि इस टेरर नेटवर्क के तार और किन-किन राज्यों में फैले हुए हैं तथा इस साजिश में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।
जांच में हो सकते हैं कई चौंकाने वाले खुलासे
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि हमीम मंडल और अर्पिता सरकार के बीच हुई बातचीत और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगालने से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। यह मामला केवल सामान्य अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा हनीट्रैप सिंडिकेट हो सकता है। आने वाले दिनों में एसटीएफ की इस पूछताछ से कई बड़े नामों का खुलासा होने की पूरी संभावना है।

