रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Patna Railway Coaching Complex Fire : बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ रविवार (12 जुलाई) की सुबह राजेंद्र नगर स्थित रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज और विकराल थीं कि उन्होंने देखते ही देखते परिसर के एक बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले लिया। इस घटना से पूरे रेल प्रशासन और आस-पास के इलाके में हड़कंप मच गया।
Patna Railway Coaching Complex Fire आसमान में उठा धुएं का गुबार, बुलाई गईं 15 गाड़ियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार तड़के कोचिंग कॉम्प्लेक्स के भवन से अचानक गाढ़ा धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को दी।
- तैयारी और रेस्क्यू: आग की गंभीरता और फैलाव को देखते हुए फायर ब्रिगेड के तीनों डिवीजनों से बैकअप मंगाया गया।
- घेराबंदी: मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ कई थानों की फोर्स तैनात की गई। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके को सील कर दिया गया ताकि बचाव कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
- कड़ी मशक्कत: दमकल की 15 से अधिक गाड़ियों ने करीब 6 घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आग को अन्य इमारतों में फैलने से रोका और उस पर पूरी तरह काबू पाया।
Patna Railway Coaching Complex Fire शॉर्ट सर्किट बनी आग की वजह, लाखों का नुकसान
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी तकनीकी टीम के साथ मौके पर मुआयना करने पहुंचे। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में रेलवे की लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई है।
अधिकारियों का बयान: फायर ब्रिगेड के अधिकारी गया सिंह ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 4 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत दमकल की टीमों को रवाना किया गया। वहीं, राजेंद्र नगर जीआरपी (GRP) प्रभारी दीप नारायण यादव ने जानकारी दी कि रेलवे यार्ड के पास स्थित पावर ग्रिड में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से यह हादसा हुआ। इस आगजनी में रेलवे के केबल और एक बड़े ट्रांसफार्मर को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, पूरी जांच के बाद ही नुकसान के वास्तविक आंकड़े साफ हो पाएंगे।
Patna Railway Coaching Complex Fire सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
गौरतलब है कि बिहार में आगजनी की यह कोई पहली घटना नहीं है; अभी कुछ दिन पहले ही पटना के दीदारगंज इलाके में भी एक बड़े गोदाम में भयंकर आग लगी थी, जिसमें भारी व्यावसायिक नुकसान हुआ था। इस ताजा घटना ने एक बार फिर रेलवे परिसरों में सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव के पुख्ता इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

