रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Fake Passport Case Pilibhit : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से जालसाजी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक शख्स ने अपनी पहचान और पर्सनल डिटेल्स में हेरफेर करके एक या दो नहीं, बल्कि तीन-तीन पासपोर्ट बनवा डाले। हालांकि, आरोपी की यह चालाकी ज्यादा दिन नहीं चल सकी और पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान इस पूरे खेल का भंडाफोड़ हो गया। आरोपी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।
Fake Passport Case Pilibhit PCC आवेदन के दौरान सामने आई सच्चाई
धोखाधड़ी के इस मामले का आरोपी पीलीभीत के जमुनिया जगत गाँव का निवासी है, जिसका नाम सिमर प्रीत है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस वक्त हुआ जब आरोपी ने पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) के लिए अप्लाई किया।
जब आवेदन बरेली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पहुंचा, तो अधिकारियों को कुछ संदेह हुआ। दस्तावेजों की जब बारीकी से री-चेकिंग की गई, तो पता चला कि इसी व्यक्ति ने अलग-अलग जन्मतिथियां दिखाकर पहले भी दो पासपोर्ट हासिल किए थे।
Fake Passport Case Pilibhit हर बार बदली जन्म की तारीख
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग वर्षों में अपनी जन्मतिथि बदलकर सिस्टम को चकमा देने की कोशिश की थी:
- पहला पासपोर्ट (2016): बरेली कार्यालय से जारी हुआ, जिसमें जन्मतिथि 10 मार्च 1999 दर्ज थी।
- दूसरा पासपोर्ट (2023): लखनऊ कार्यालय से जारी कराया गया, जिसमें जन्मतिथि 29 मई 2001 दिखाई गई।
- तीसरा पासपोर्ट (दिसंबर 2023): यह भी लखनऊ से जारी हुआ, जिसमें जन्मतिथि बदलकर 19 नवंबर 2002 कर दी गई थी।
Fake Passport Case Pilibhit पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
इस गंभीर धोखाधड़ी को देखते हुए सीनियर सुप्रीटेंडेंट ऑफ पासपोर्ट ने तुरंत पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत भेजी। इसके बाद शनिवार को पीलीभीत के घुंघचाई थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सर्किल ऑफिसर विधि भूषण मौर्य के मुताबिक, पुलिस इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर अलग-अलग विवरणों पर ये पासपोर्ट कैसे जारी हो गए और इसमें किन विभागीय स्तरों पर चूक या मिलीभगत हुई है।
Fake Passport Case Pilibhit कानूनन जुर्म है एक से अधिक पासपोर्ट रखना
क्या कहता है भारतीय पासपोर्ट अधिनियम, 1967?
भारत के कानून के अनुसार, कोई भी नागरिक एक समय में केवल एक ही वैध (Valid) पासपोर्ट रख सकता है। पहचान छिपाकर या गलत दस्तावेज देकर एक से अधिक पासपोर्ट बनवाना अधिनियम की धारा 12 के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है।
यदि किसी को पासपोर्ट में सुधार करवाना हो या पुराना खो गया हो, तो पुराने पासपोर्ट की जानकारी देकर उसे सरेंडर करना अनिवार्य होता है। नियमों का उल्लंघन करने पर 2 साल तक की जेल, भारी जुर्माना और पासपोर्ट ज़ब्त होने की सजा का प्रावधान है।

