TRAI Action on TruecallerTRAI Action on Truecaller
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रिपोर्टर: हर्षिता कौर

TRAI Action on Truecaller : देश में अनचाही कॉल्स (Spam Calls) पर लगाम लगाने के बीच एक बड़ा मोड़ आ गया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने ट्रूकॉलर (Truecaller) समेत तीन प्रमुख कॉलर मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ कड़े एक्शन की तैयारी कर ली है। ट्राई की रडार पर ट्रूकॉलर के अलावा Hiya और Whoscall ऐप्स भी शामिल हैं। इन ऐप्स पर आरोप है कि ये दूरसंचार विभाग द्वारा विशेष रूप से कमर्शियल कम्युनिकेशन (व्यावसायिक संदेशों) के लिए जारी की गई आधिकारिक नंबर सीरीज को भी ‘स्पैम’ कैटेगिरी में डाल रहे हैं।

TRAI Action on Truecaller 1400 और 1600 सीरीज के नंबरों को ‘स्पैम’ दिखाने का आरोप

नियामक संस्था (TRAI) के मुताबिक, सरकार ने आधिकारिक और जरूरी कमर्शियल कॉल्स के लिए 1400 और 1600 से शुरू होने वाली विशेष नंबर सीरीज आवंटित की है। शिकायत है कि ये ऐप्स इन डेजिगनेटेड नंबरों से आने वाली कॉल्स को भी यूजर्स के स्क्रीन पर स्पैम या अनचाही कॉल के रूप में प्रदर्शित कर रहे हैं, जिससे महत्वपूर्ण व्यावसायिक संवाद बाधित हो रहा है।

चूंकि ये ऐप्स सीधे तौर पर दूरसंचार विभाग (DoT) के दायरे में नहीं आते, इसलिए ट्राई ने MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) और DoT से आईटी एक्ट (IT Act) के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की है। ट्राई इन ऐप्स को रेगुलेट नहीं करना चाहता, बल्कि नियमों के उल्लंघन पर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाना चाहता है।

TRAI Action on Truecaller ‘सेफ हार्बर’ नियम में बदलाव और अधिकृत एजेंसी बनने की मांग

इस पूरे मामले में कानूनी दांव-पेंच भी शामिल हैं। वर्तमान में इन थर्ड-पार्टी ऐप्स को ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbor) नियम के तहत कानूनी सुरक्षा मिली हुई है। यह नियम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेटरी जवाबदेही से तब तक बचाता है, जब तक वे तय दिशानिर्देशों का पालन करते हैं।

परंतु, ट्राई का कहना है कि ये ऐप्स भारतीय कानूनों और नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। नियामक ने सरकार से मांग की है कि उसे आईटी एक्ट के तहत एक ‘ऑथोराइज्ड एजेंसी’ (अधिकृत संस्था) घोषित किया जाए ताकि वह इन पर सीधा एक्शन ले सके। रिपोर्ट्स के अनुसार, MeitY ने ट्राई की इस मांग पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है, और अब गेंद दूरसंचार विभाग के पाले में है।

TRAI Action on Truecaller ट्रूकॉलर ने दी सफाई; नियमों की अनदेखी पर लग सकता है बैन

इन गंभीर आरोपों पर Truecaller ने अपनी सफाई जारी की है। कंपनी का कहना है कि वे ट्राई के मैंडेट (दिशानिर्देशों) का पूरी तरह सम्मान करते हैं और उनके प्लेटफॉर्म द्वारा किसी भी सरकारी डेजिगनेटेड सीरीज के नंबरों को ऑटोमैटिकली ब्लॉक या स्पैम टैग नहीं किया जाता है। आसान शब्दों में, कंपनी ने किसी भी तरह के नियम उल्लंघन से इनकार किया है।

क्या ये ऐप्स बंद होंगे? यदि दूरसंचार विभाग (DoT) की जांच में ट्राई के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इन तीनों ऐप्स को सबसे पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी यदि नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हुआ या मामला ज्यादा गंभीर पाया गया, तो देश की सुरक्षा और रेगुलेटरी नियमों के तहत इन ऐप्स को भारत में प्रतिबंधित (Ban) भी किया जा सकता है।

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