Coaching Center Firing CaseCoaching Center Firing Case
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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Coaching Center Firing Case : पटना की एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार (9 जून, 2026) को प्रसिद्ध शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान, जिन्हें लोग ‘खान सर’ के नाम से जानते हैं, की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला 2 जून की रात उनके कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और हिंसक झड़प से जुड़ा हुआ है।

Coaching Center Firing Case अदालत का फैसला और अंतरिम राहत

खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर द्वारा पटना जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर किए जाने के बाद कोर्ट ने यह राहत दी है। घटना के बाद से ही खान सर का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। अदालत ने सुनवाई के दौरान साफ किया कि जांच अधिकारी इस मामले में खान सर से पूछताछ करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं, लेकिन जब तक उन्हें यह अंतरिम संरक्षण मिला हुआ है, तब तक उनके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कोई भी दंडात्मक या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जा सकती। कोर्ट ने पटना पुलिस को मामले की केस डायरी और सबूत पेश करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार (12 जून, 2026) की तारीख तय की है।

Coaching Center Firing Case प्रतिद्वंद्वी संस्थान के मालिक की जमानत याचिका खारिज

इस मामले में कोर्ट ने खान सर के प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के मालिक और शिक्षक रौशन आनंद की जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रौशन आनंद को दो अन्य आरोपियों—अभिषेक कुमार और गौरव कुमार—के साथ 2 जून की रात को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। रौशन आनंद पटना के प्रसिद्ध ‘ज्ञान बिंदु’ कोचिंग संस्थान के निदेशक हैं, जहां हजारों छात्र सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। खान सर ने आरोप लगाया था कि उनके संस्थान पर हमले के पीछे इसी प्रतिद्वंद्वी ग्रुप का हाथ हो सकता है।

Coaching Center Firing Case क्या था पूरा मामला?

यह पूरी घटना 2 जून, 2026 की रात को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, करीब 15 से 20 लोगों के एक समूह ने खान सर के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) के बाहर इकट्ठा होकर वहां तैनात गार्ड चुनचुन कुमार की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खान सर के दो निजी सुरक्षाकर्मी (बॉडीगार्ड) हवा में फायरिंग करते नजर आ रहे थे।

पुलिस ने दोनों गार्डों को हिरासत में ले लिया है और उनके हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है। पूछताछ के दौरान इन गार्ड्स ने पटना पुलिस को बताया कि उन्होंने खान सर के “निर्देश” पर ही हवाई फायरिंग की थी। इसके बाद 4 जून को पटना के कदमकुआं थाने में खान सर के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी।

इस कोचिंग विवाद पर संज्ञान लेते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार कोचिंग संस्थानों के बीच होने वाली इस तरह की प्रतिद्वंद्विता को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अगले तीन महीनों के भीतर एक नई सख्त नीति तैयार करेगी।

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