American Missile Attack : ओमान के दक्षिण-पूर्वी तट के पास एक अमेरिकी सैन्य मिसाइल हमले का शिकार हुए तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स (MT Marivex) से सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, प्रतिबंधों का सामना कर रहे इस जहाज को आदेशों का उल्लंघन करने और ईरानी बंदरगाह की तरफ बढ़ने की कोशिश के बाद निशाना बनाया गया।
American Missile Attack मिसाइल हमला और भारतीय नाविकों का आपातकालीन संदेश
यह घटना सोमवार (8 जून, 2026) दोपहर की है जब ओमान के मसीराह द्वीप के पास खड़े पलाऊ-ध्वज वाले टैंकर एमटी मारिवेक्स में मिसाइल हमले के बाद भीषण आग लग गई। ‘फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया’ (FSUI) के महासचिव मनोज यादव को भेजे गए एक संकट संदेश (SOS) में चालक दल ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने जहाज के इंजन रूम पर हमला किया है, जिससे जहाज में छेद हो गया है और वह डूब रहा है। हमले के कारण एक तरफ की लाइफबोट्स नष्ट हो गईं और दूसरी तरफ लगी आग की वजह से नाविक वहां तक पहुंच नहीं पा रहे थे, जिसके बाद सभी नाविक जान बचाने के लिए जहाज के अगले हिस्से (फ्रंट-एंड) पर इकट्ठा हो गए।
American Missile Attack अमेरिकी सेंटकॉम और भारतीय तटरक्षक बल की कार्रवाई
यूएस सेंट्रल कमांड (Centcom) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बयान जारी किया कि विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ान भरने वाले एक F/A-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट ने खाली पड़े इस तेल टैंकर पर सटीक निशाना साधा। सेंटकॉम का दावा है कि इस जहाज ने ईरान के खिलाफ चल रही नाकेबंदी (ब्लॉकेड) का उल्लंघन किया और बार-बार दिए गए निर्देशों को नजरअंदाज कर ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ने की कोशिश की।
इस आपातकालीन स्थिति की जानकारी मिलते ही मुंबई स्थित भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) ने तुरंत ओमान के बचाव केंद्र (OMSC) से संपर्क किया और दोनों देशों के बीच तालमेल से एक बड़ा बचाव अभियान शुरू किया गया।
American Missile Attack नाविकों की वर्तमान स्थिति और जहाज का इतिहास
ओमान के बचाव दल ने हेलीकॉप्टर के जरिए बेहद सूझबूझ से ऑपरेशन चलाकर सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया। फिलहाल सभी नाविक ओमान के मसीराह द्वीप पर हैं। हालांकि वे इस हादसे से गहरे सदमे में हैं और उनके मोबाइल फोन व अन्य सामान भी जहाज पर ही छूट गए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और अगले दो दिनों में उनके भारत लौटने की उम्मीद है।
जहाज ट्रैकिंग डेटाबेस के अनुसार, एमटी मारिवेक्स को ईरान से संबंधों के चलते पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। इस जहाज ने पहले भी ईरान से भारत के मैंगलोर तक तेल पहुंचाया था। यह जहाज कर्नाटक के कारवार से रवाना होकर ओमान के दुक्म जा रहा था, तभी इसे बीच रास्ते में रोककर निष्क्रिय कर दिया गया।
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