Report by: Mohd Athar Khan, Edit by: Yogendra Singh
Munger : शहर के गुलजार पोखर इलाके में स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर को चोरों ने अपना निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, भक्तों की मुस्तैदी के कारण आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई पहली घटना नहीं थी, बल्कि इससे पहले भी मंदिर के आभूषणों पर हाथ साफ किया जा चुका था।
रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी: स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी
Munger घटना शुक्रवार की है, जब गुलजार पोखर स्थित काली मंदिर में एक नाबालिग चुपके से माता के मुकुट को चुराने का प्रयास कर रहा था। मंदिर परिसर में मौजूद स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई और उसे चांदी के मुकुट के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
घटना की सूचना तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुँचे कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव तिवारी ने नाबालिग को अपनी हिरासत में लिया और मुकुट को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे थाने ले जाकर सघन पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में बड़ा खुलासा: 10 दिन पहले भी हुई थी चोरी
Munger पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में नाबालिग ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि लगभग दस दिन पहले भी उसने इसी मंदिर से करीब 100 ग्राम चांदी का पान का पत्ता चोरी किया था।
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी के उस सामान को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनियारचक सिल्हा स्थित एक आभूषण की दुकान में बेच दिया था। उसे उस चोरी के सामान के बदले महज 2500 रुपये मिले थे। इस जानकारी के मिलते ही पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आभूषण दुकानदार और उसका बेटा गिरफ्तार
Munger नाबालिग के बयान के आधार पर एसडीपीओ अभिषेक आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मनियारचक सिल्हा में छापेमारी की। पुलिस ने वहां के जेवरात दुकानदार सच्चिदानंद और उसके पुत्र सौरव कुमार को धर दबोचा। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से मंदिर से चोरी किया गया चांदी का पान का पत्ता भी बरामद कर लिया है।
अधिकारी ने बताया कि काली मंदिर के अध्यक्ष विक्रम सिंह के लिखित आवेदन पर इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने के आरोप में पिता-पुत्र को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, वहीं नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना के बाद मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने का निर्णय लिया है।
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