Hypertension : बर्नआउट और तनाव से बढ़ती है ब्लड प्रेशर की समस्या
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव और तनाव लोगों की सेहत पर गहरा असर डाल रहा है। लंबे समय तक लगातार मानसिक और शारीरिक थकान की स्थिति को बर्नआउट सिंड्रोम कहा जाता है, जो धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
जब कोई व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, तो शरीर में कार्टिसोल और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन का संतुलन बिगड़ने लगता है। इसका असर ऊर्जा, नींद और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। इसके साथ ही दिल और पाचन तंत्र भी प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बर्नआउट की स्थिति बनी रहने पर ब्लड प्रेशर भी असंतुलित होने लगता है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बर्नआउट से बचने के लिए 3S फॉर्मूला सुझाया गया है—स्टैंडिंग, सिटिंग और स्ट्रेचिंग। इसके तहत ऑफिस में काम के दौरान हर 30 मिनट में थोड़ी गतिविधि करना जरूरी बताया गया है। कुछ समय बैठकर काम करने के बाद थोड़ी देर खड़े होना और फिर हल्की स्ट्रेचिंग करना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है।
हाइपरटेंशन से बढ़ सकता है ब्रेन हैमरेज का खतरा
Hypertension विशेषज्ञों के अनुसार अगर हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को समय रहते नियंत्रित नहीं किया जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। स्वामी रामदेव के अनुसार हाइपरटेंशन की स्थिति में रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ जाता है। जब यह दबाव अधिक हो जाता है, तो दिमाग की नसें फट सकती हैं, जिससे ब्रेन हैमरेज का खतरा पैदा हो जाता है।
इसके अलावा लंबे समय तक हाई बीपी रहने से ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी फेल्योर और डिमेंशिया जैसी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।
हाई बीपी के कुछ सामान्य लक्षणों में बार-बार सिरदर्द होना, चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी, तनाव महसूस होना, नसों में झनझनाहट और दिल की धड़कन तेज होना शामिल हैं। यदि ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
योग, प्राणायाम और संतुलित आहार से रखें बीपी कंट्रोल
Hypertension स्वामी रामदेव के अनुसार ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम बेहद लाभकारी हो सकते हैं। नियमित रूप से योगाभ्यास करने से तनाव कम होता है और शरीर का संतुलन बेहतर होता है।
इसके साथ ही जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करना भी आवश्यक है। जैसे—
- संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना
- नमक का सेवन कम करना
- वजन नियंत्रित रखना
- जंक फूड से दूरी बनाना
- रोजाना 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना
- शराब और धूम्रपान से बचना
इसके अलावा बीपी को सामान्य रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और तनाव को कम करना भी जरूरी है। आहार में खजूर, किशमिश, दालचीनी, गाजर, अदरक और टमाटर जैसी चीजें शामिल करने से भी फायदा मिल सकता है।
हालांकि जब ब्लड प्रेशर अधिक हो, तब शीर्षासन, सर्वांगासन या अत्यधिक कठिन व्यायाम करने से बचना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी बीमारी के इलाज, डाइट या फिटनेस रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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