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By: Ishu Kumar

Bokaro : सेक्टर-9 क्षेत्र में विस्थापित मजदूरों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बेरमो से कांग्रेस विधायक कुमार जय मंगल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर रंग और गुलाल के बीच जहां होली की खुशियां मनाई गईं, वहीं विस्थापित परिवारों ने अपनी समस्याएं भी विधायक के सामने खुलकर रखीं।

रंग-गुलाल के बीच एकजुटता का संदेश

Bokaro कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विस्थापित मजदूर, स्थानीय नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। उत्सव का माहौल उत्साहपूर्ण रहा, लेकिन इसके साथ ही विस्थापितों की पीड़ा भी सामने आई।

समारोह के दौरान कई लोगों ने अपनी समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को मंच के माध्यम से रखा। विस्थापित परिवारों का कहना था कि उन्हें अब तक स्थायी समाधान नहीं मिल सका है और बार-बार आश्वासन के बावजूद स्थिति में ठोस बदलाव नहीं हुआ है।

विधायक ने उठाए नियोजन और जमीन से जुड़े मुद्दे

Bokaro मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विधायक कुमार जय मंगल सिंह ने कहा कि विस्थापितों के साथ वर्षों से वादे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उन पर अमल नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अप्रेंटिस को हर महीने 50 लोगों को नियोजन देने की घोषणा के बावजूद अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

विधायक ने यह भी कहा कि वर्ष 2017 में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में विस्थापितों की जमीन बोकारो स्टील के नाम रजिस्ट्री कर दी गई, जिसके कारण आज कई क्षेत्रों को पंचायत का दर्जा नहीं मिल पा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

समाधान की मांग: एनओसी या पुनर्वास

Bokaro विधायक ने प्रबंधन से मांग की कि या तो संबंधित क्षेत्रों को पंचायत में शामिल करने के लिए एनओसी जारी की जाए या फिर विस्थापित परिवारों का समुचित पुनर्वास कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस निर्णय और कार्रवाई की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द और भविष्य में संघर्ष जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ। होली मिलन के इस आयोजन ने जहां सामाजिक एकता का संदेश दिया, वहीं विस्थापितों की समस्याओं को एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर प्रमुखता से उठाने का अवसर भी प्रदान किया।

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