लाहौर से जियागंज तक: परिवार की यात्रा
Arijit Singh : के पिता सुरिंदर सिंह ने हाल ही में अपने परिवार के बारे में बात की और बताया कि कैसे उनका सिख परिवार विभाजन के बाद लाहौर छोड़कर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज में आकर बस गया। सुरिंदर सिंह ने बताया कि उनका पैतृक घर लाहौर के पास था, लेकिन विभाजन के समय उन्हें सब कुछ पीछे छोड़कर नई शुरुआत करनी पड़ी।
लालगोला से जियागंज तक की इस यात्रा के दौरान परिवार ने नदी किनारे अपना नया ठिकाना बनाया। जियागंज में पंजाबी समुदाय ने पंजाबीपारा क्षेत्र की स्थापना की और वहां एक गुरुद्वारा बनाया, जो धीरे-धीरे सामाजिक और आध्यात्मिक केंद्र बन गया।

जियागंज में बचपन और संगीत की शुरुआत
Arijit Singh ने अपना बचपन जियागंज में ही बिताया। उनके पिता के अनुसार, पड़ोसी और रिश्तेदार उन्हें “शोमू” कहकर बुलाते थे और वह कभी स्टार नहीं बने। संगीत का अरिजीत के जीवन में बचपन से ही विशेष महत्व था। वह अपनी मां के साथ गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे।
2013 में भारत के सबसे मशहूर सिंगर्स में से एक बनने के बाद भी अरिजीत अपने गांव से जुड़े रहे। सुरिंदर सिंह बताते हैं कि मुंबई में जबरदस्त सफलता के बावजूद उनका बेटा जियागंज की यादों और शांति से हमेशा जुड़ा रहा।
परिवार और सामाजिक जुड़ाव
Arijit Singh के बच्चों की पढ़ाई जियागंज में होती है और वह कई चैरिटेबल प्रोजेक्ट्स के जरिए स्थानीय स्कूलों को मजबूत बनाने में सक्रिय हैं। सुरिंदर सिंह कहते हैं, “जियागंज सिर्फ भावनात्मक रूप से ही नहीं, बल्कि कई सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए भी अरिजीत का केंद्र रहा है।”
प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास और नया अध्याय
Arijit Singh 27 जनवरी, 2026 को अरिजीत सिंह ने अपने प्लेबैक सिंगिंग करियर से संन्यास लेने की घोषणा की। हालांकि उनके फैंस के लिए यह अचानक और आश्चर्यजनक फैसला था, लेकिन अब उन्होंने नए प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया है।
हाल ही में उन्होंने शेखर रवजियानी द्वारा संगीतबद्ध और प्रिया सरैया द्वारा लिखित गाने ‘रैना’ को रिलीज किया है, जिसे उनके फैंस से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। यह गाना गरुड़ा म्यूजिक के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
इस प्रकार, अरिजीत सिंह का सफर केवल संगीत तक ही सीमित नहीं, बल्कि परिवार, समाज और अपने पैतृक गांव जियागंज के साथ गहरे भावनात्मक जुड़ाव का भी परिचायक है।
Also Read This: Sheikhpura: ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर विरोध मार्च, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी

