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by-Ravindra Sikarwar

श्रीनगर: दिल्ली के रेड फोर्ट के निकट हुए विनाशकारी कार बम विस्फोट के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर नबी उर्फ उमर उन-नबी के परिजनों के घर को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार तड़के ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत की गई, जिसमें आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और अंसार गजवातुल हिंद (एजीयूएच) से जुड़े मॉड्यूल को नेस्तनाबूद करने का संदेश दिया गया। विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक घायल हैं। डॉ. उमर, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में चिकित्सक थे, को डीएनए जांच से विस्फोटक से भरी ह्युंडई आई20 कार के चालक के रूप में पुष्टि हो चुकी है। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, और जांच एजेंसियां अब इस ‘श्वेत कॉलर’ (पढ़े-लिखे) आतंकी नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हैं।

विस्फोट की घटना का संक्षिप्त विवरण:
10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:52 बजे, दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट के पास नेताजी सुभाष मार्ग पर एक ट्रैफिक सिग्नल के निकट ह्युंडई आई20 कार अचानक फट गई। यह धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास की वाहनों में आग लग गई, इमारतों की खिड़कियां चूर-चूर हो गईं और सड़क पर मलबा बिखर गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कार में अमोनियम नाइट्रेट आधारित उच्च शक्ति वाले विस्फोटक भरे हुए थे, जो लगभग 2,900 किलोग्राम सामग्री से तैयार किए गए थे। इस हमले में 13 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, जबकि 20 से अधिक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गए। कई घायलों को अभी भी वेंटिलेटर पर रखा गया है।

पुलिस ने घटनास्थल से डीएनए नमूने एकत्र किए, जो डॉ. उमर नबी की मां के नमूनों से मेल खाए। जांच से खुलासा हुआ कि उमर ने अपने सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद घबरा गए थे और कार को फोड़ दिया, जो एक बड़े हमले की योजना का हिस्सा था। यह मॉड्यूल नूह (हरियाणा) और फरीदाबाद से जुड़ा था, जहां से विस्फोटक सामग्री की खरीदारी की गई थी।

डॉ. उमर नबी का बैकग्राउंड: पढ़े-लिखे चिकित्सक से आतंकी तक
डॉ. उमर नबी, 32 वर्षीय निवासी पुलवामा के कोइल गांव, मूल रूप से एक योग्य चिकित्सक थे। उन्होंने कश्मीर के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजी विभाग में काम कर रहे थे। लेकिन पिछले दो वर्षों में वे सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हो गए। जांच एजेंसियों के अनुसार, उमर जेईएम और एजीयूएच के साथ जुड़े, जिनके विदेशी हैंडलर ‘उकासा’ पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे। उकासा ने दिल्ली-आधारित इस नेटवर्क को निर्देश दिए थे।

उमर के सहयोगी भी ज्यादातर डॉक्टर थे, जो ‘श्वेत कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा बने। इनमें डॉ. मुजम्मिल घनाई, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. परवेज अंसारी, डॉ. फारूक और डॉ. मोहम्मद अरिफ मीर शामिल हैं। पूछताछ से पता चला कि यह समूह न केवल दिल्ली बल्कि चार अन्य शहरों में बड़े हमले की योजना बना रहा था। उमर ने अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता का इस्तेमाल खतरनाक रसायनों को संभालने में किया, जो विस्फोटक बनाने के लिए जरूरी थे।

घर ध्वस्त करने की कार्रवाई: विवरण और तरीका
सुरक्षा बलों ने 14 नवंबर 2025 को तड़के करीब 2:30 बजे पुलवामा के कोइल गांव में उमर के पैतृक घर पर छापा मारा। कार्रवाई से पहले परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिर, एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल कर घर को पूरी तरह उड़ाकर ध्वस्त कर दिया गया। यह दो मंजिला इमारत थी, जो उमर के परिवार की संपत्ति थी। वीडियो फुटेज में धुंआ और मलबा उड़ता दिखाई दे रहा है, जो कार्रवाई की तीव्रता को दर्शाता है।

पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम आतंकवाद के वित्तपोषण और समर्थन को रोकने के लिए उठाया गया। जम्मू-कश्मीर में ऐसी कार्रवाइयां आतंकी गतिविधियों से जुड़े परिवारों को चेतावनी के रूप में की जाती हैं। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।

जांच में नई प्रगति: गिरफ्तारियां और जब्तियां
विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस, यूपी एटीएस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त जांच शुरू की। अब तक पांच डॉक्टरों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है:

  • डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन सईद: फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और असॉल्ट राइफलों की जब्ती के लिए जिम्मेदार।
  • डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. परवेज अंसारी, डॉ. फारूक: यूपी के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से हिरासत में।
  • डॉ. मोहम्मद अरिफ मीर: कश्मीर के खगुंड काजीगुंड निवासी, कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का छात्र, यूपी में हिरासत में।

इसके अलावा, नूह से जुड़े दो और संदिग्धों को यूपी में हिरासत में लिया गया है। जब्त वाहनों में सफेद ह्युंडई आई20 (एचआर26 सीई 7674), लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट और मारुति स्विफ्ट डिजायर शामिल हैं, जो विस्फोटक परिवहन के लिए इस्तेमाल हुए थे। जांच से पता चला कि समूह ने गुड़गांव और नूह से 26 क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदा था, जो बम बनाने में प्रयुक्त हुआ।

आधिकारिक बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
गृह मंत्रालय ने इस कार्रवाई को ‘आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ का प्रतीक बताया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी ने कहा, “ऐसे तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” विपक्षी दलों ने हमले की निंदा की, लेकिन सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘पढ़े-लिखे आतंकियों’ का उदय कट्टरपंथी प्रचार का नतीजा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान प्रायोजित था, और उकासा जैसे हैंडलर्स को पकड़ना प्राथमिकता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को मामले की जांच सौंपी जा सकती है।

भविष्य की चुनौतियां और सलाह:
यह घटना दर्शाती है कि आतंकवाद अब शिक्षित वर्ग तक फैल चुका है। सुरक्षा एजेंसियां अब सोशल मीडिया निगरानी और कट्टरपंथी काउंसलिंग पर जोर दे रही हैं। जनता से अपील है कि संदिग्ध खरीदारी या यात्राओं की सूचना हेल्पलाइन 100 पर दें।

अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों जैसे दिल्ली पुलिस या जम्मू-कश्मीर पुलिस की वेबसाइट देखें। यह कार्रवाई न केवल न्याय का प्रतीक है, बल्कि भविष्य के हमलों को रोकने की दृढ़ता भी दिखाती है। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना।

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