3 किलोमीटर दूर स्थित स्कूल जाना छोटे बच्चों के लिए असंभव
गंजडुंडवारा ब्लॉक के ग्राम दुलाई में पेयरिंग नीति के तहत बंद किए गए प्राथमिक विद्यालय को पुनः खुलवाने के लिए समाजवादी पार्टी के अभियान “खुलेगा स्कूल तो पड़ेगा पीडीए” के अंतर्गत अब्दुल हफीज गांधी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का तर्क है कि दुलाई के प्राथमिक स्कूल को जिस स्कूल के साथ जोड़ा (पेयर) गया है, वह चिरोला गांव में है जो यहां से करीब 3 किलोमीटर दूर है। इतनी अधिक दूरी होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों का पैदल या अकेले स्कूल जाना बेहद खतरनाक और असंभव साबित हो रहा है।
सरकार की पेयरिंग नीति गरीब बच्चों के शिक्षा अधिकार पर कुठाराघात
इस मौके पर सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूलों की पेयरिंग के नाम पर शिक्षण संस्थानों को बंद करना सीधे तौर पर ग्रामीण और गरीब तबके के बच्चों के मौलिक शिक्षा अधिकार छीन रहा है। महंगे निजी स्कूलों की फीस वहन करने में असमर्थ परिवारों के बच्चे इन सरकारी स्कूलों के भरोसे ही अपनी तालीम हासिल करते हैं, ऐसे में गांव का स्कूल बंद होना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
जिलाधिकारी से स्कूल को जल्द बहाल करने की पुरजोर अपील
अब्दुल हफीज गांधी ने कासगंज के जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लेकर दुलाई प्राथमिक विद्यालय का संचालन दोबारा शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को बंद करने के बजाय सरकार को वहां शिक्षकों, संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान विद्याराम शाक्य, असलम अंसारी, राजकुमार मिश्रा और सत्यवीर सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
