Report by: Yogendra Singh
Yamunanagar : हरियाणा के यमुनानगर में अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (CM फ्लाइंग) ने रटौली रोड स्थित शंकर विहार इलाके में चल रही एक अवैध प्लास्टिक फैक्ट्री पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में प्रदूषण विभाग, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें भी शामिल रहीं। लगभग तीन घंटे तक चली इस गहन जांच में नियमों की धज्जियां उड़ती पाई गईं।

बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रही थी यूनिट
Yamunanagar छापेमारी के दौरान टीम को पता चला कि यह फैक्ट्री पूरी तरह अवैध थी। फैक्ट्री के बाहर न तो कोई बोर्ड लगा था और न ही मालिक के पास इसे चलाने के लिए कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस मौजूद था। यहां प्लास्टिक कचरे (वेस्ट प्लास्टिक) को प्रोसेस करने का काम किया जा रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फैक्ट्री के भीतर अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थ के साथ काम होने के बावजूद सुरक्षा मानकों की इस कदर अनदेखी किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रही थी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री के संचालन में सरकारी नियमों का दूर-दूर तक पालन नहीं हो रहा था।
रिहायशी इलाके में प्रदूषण का खतरा और स्वास्थ्य से खिलवाड़
Yamunanagar यह अवैध यूनिट शंकर विहार जैसे घने रिहायशी इलाके के बीचों-बीच स्थित थी। प्लास्टिक प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाला जहरीला धुआं और हानिकारक केमिकल आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने हुए थे। स्थानीय निवासियों के लिए यह प्रदूषण न केवल सांस संबंधी बीमारियों का कारण बन रहा था, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँचा रहा था।
प्रदूषण विभाग की टीम ने पाया कि फैक्ट्री में वेस्ट मैनेजमेंट का कोई सिस्टम नहीं था, जिससे क्षेत्र की स्वच्छता और वायु गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा था। अधिकारियों के अनुसार, रिहायशी क्षेत्र में ऐसी खतरनाक यूनिट का संचालन कानूनन अपराध है।
फैक्ट्री सील और मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी
Yamunanagar कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री मालिक मौके से फरार हो गया और फोन पर भी संपर्क में नहीं आया। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने मीडिया को बताया कि फैक्ट्री के पास संचालन के लिए कोई कानूनी अनुमति नहीं पाई गई है। फिलहाल फैक्ट्री को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित विभागों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वाले और अवैध रूप से फैक्ट्री चलाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। फरार मालिक की तलाश जारी है और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) सुनिश्चित की जाएगी। इस छापेमारी के बाद इलाके में अन्य अवैध रूप से चल रही इकाइयों के मालिकों में भी डर का माहौल है।
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