By: Ishu Kumar
Wildlife : गरियाबंद जिले के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। अवैध शिकार के इरादे से घुसे चार अंतर्राज्यीय शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपियों का संबंध ओडिशा राज्य से बताया गया है। इस सफलता से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में विभाग की कार्यप्रणाली को मजबूती मिली है।
शिकार की साजिश नाकाम, तीन आरोपी अभी फरार
Wildlife वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, आरोपी जंगल के भीतर जंगली जानवरों का शिकार करने की योजना बना रहे थे। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर वन अमले ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को पकड़ लिया।
हालांकि, इस मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। विभाग ने उनकी तलाश के लिए सघन सर्च अभियान शुरू कर दिया है। जंगल और रिजर्व क्षेत्र की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके।
वन अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से अवैध शिकार को अंजाम देने की तैयारी में था। यदि आरोपियों को समय पर नहीं रोका गया होता, तो वन्यजीवों को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
जाल और शिकार सामग्री बरामद, पूछताछ जारी
Wildlife गिरफ्तार आरोपियों के पास से वन विभाग ने जाल, फंदे और अन्य शिकार उपकरण बरामद किए हैं। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी विशेष रूप से शिकार के लिए प्रशिक्षित और संगठित थे।
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध शिकार करने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
वन अधिकारियों ने ग्रामीणों और पर्यटकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित की जा सकेगी।
वन्यजीव संरक्षण के प्रयास और भविष्य की रणनीति
Wildlife वन विभाग का कहना है कि उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में नियमित रूप से गश्त और निगरानी बढ़ाई जा रही है। कैमरा ट्रैप और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि विभाग अवैध शिकार और Wildlife Crime के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। भविष्य में भी वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
इस कार्रवाई से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि यह अन्य संभावित शिकारी गिरोहों के लिए चेतावनी भी है कि अवैध शिकार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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