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Report By: Yogendra Singh

Lucknow : उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और अवैध भंडारण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाकर कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, सरकार की सतर्कता के चलते अब तक हजारों ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

सख्त निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई का ब्योरा

Lucknow 12 मार्च से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने अब तक 17,581 औचक निरीक्षण और छापेमारी की है। सरकार की यह कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम भी उठाए गए हैं।

  • FIR और गिरफ्तारियां: एलपीजी वितरण में अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ 33 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। वहीं, अन्य ईंधनों की कालाबाजारी से जुड़े मामलों में 189 एफआईआर दर्ज कर 17 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
  • अभियोजन: नियम विरुद्ध कार्य करने वाले 224 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
  • प्रशासनिक मुस्तैदी: मुख्य सचिव के आदेशानुसार सभी जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और स्थानीय मजिस्ट्रेट फील्ड में तैनात हैं, जो नियमित रूप से गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों की जांच कर रहे हैं।

ईंधन का पर्याप्त भंडार: ‘पैनिक बाइंग’ न करने की अपील

Lucknow सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, इसलिए जनता को घबराने या अतिरिक्त भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 12,888 पेट्रोल पंपों पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

आंकड़ों की बात करें तो, प्रदेश में लगभग 91,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का बफर स्टॉक मौजूद है। उल्लेखनीय है कि 1 किलोलीटर का तात्पर्य 1000 लीटर से होता है। 27 से 29 मार्च के बीच हुई भारी बिक्री के बावजूद, तेल कंपनियों के पास आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदें।

एलपीजी आपूर्ति और भविष्य की योजनाएं (PNG विस्तार)

Lucknow रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर भी राहत भरी खबर है। प्रदेश के 4,107 वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के आधार पर समय पर सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं। घरेलू गैस के साथ-साथ केंद्र सरकार ने 23 मार्च से व्यावसायिक (Commercial) एलपीजी सिलेंडरों के आवंटन में 20 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दे दी है, जिससे बाजार में उपलब्धता और बेहतर होगी।

सरकार अब पारंपरिक सिलेंडरों के साथ-साथ सिटीज गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क को भी तेज करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं और लंबित अनुमतियों को तत्काल दूर किया जाए। इसके अलावा, व्यवस्था पर 24 घंटे नजर रखने के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय और सभी जिलों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। सरकार का संकल्प है कि किसी भी परिस्थिति में आम नागरिक को ईंधन के लिए परेशान न होना पड़े।

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