By: Ravindra Sikarwar
उज्जैन जिले में पुलिस विभाग ने एक अनूठी और सराहनीय पहल शुरू की है। अब अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को लंबी फाइलें घुमाने और महीनों इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने “ऑन द स्पॉट अवॉर्ड” व्यवस्था लागू की है, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मी को मौके पर ही नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। यह मध्य प्रदेश के पुलिस विभाग में अपनी तरह की पहली योजना मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य पुलिस बल का मनोबल ऊँचा करना और त्वरित प्रोत्साहन देना है।
इस नई व्यवस्था के तहत एसपी कार्यालय ने एक विशेष “इनाम आदेश बुक” तैयार की है। इसमें हर पुरस्कार का क्रमांक, कर्मचारी का नाम, किया गया कार्य और दी गई राशि का पूरा विवरण दर्ज होता है। जैसे ही कोई थाना प्रभारी या यूनिट प्रमुख किसी कर्मचारी के सराहनीय कार्य की सूचना देते हैं, एसपी स्वयं या उनके निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचकर सम्मान करते हैं। पिछले दो दिनों में ही पाँच पुलिसकर्मियों को इस योजना के तहत सम्मानित किया जा चुका है। इनमें नशे के खिलाफ कार्रवाई करने वाले, अपराधियों को पकड़ने में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले और जनता की सेवा में आगे रहने वाले जवान शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा का कहना है कि पुलिसकर्मी दिन-रात जोखिम भरे हालात में काम करते हैं। कई बार उनका अच्छा काम कागजी प्रक्रिया में महीनों लटक जाता है और उत्साह ठंडा पड़ जाता है। इस व्यवस्था से त्वरित सम्मान मिलेगा, जिससे बाकी कर्मचारी भी प्रेरित होंगे। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार राशि 1100 रुपये से शुरू होकर कार्य की गंभीरता के अनुसार बढ़ाई जा सकती है। सबसे खास बात यह है कि सम्मान समारोह थाने या घटनास्थल पर ही आयोजित किया जाता है, ताकि साथी कर्मचारी भी देखें और प्रेरणा लें।
यह पहल न सिर्फ उज्जैन बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन सकती है। पुलिसकर्मी अक्सर यह शिकायत करते रहे हैं कि बहादुरी और मेहनत का इनाम मिलने में बहुत देर लगती है। अब जब एसपी खुद थाने पहुँचकर कर्मचारियों को सम्मानित कर रहे हैं, तो विभाग में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर भी पुलिसकर्मी और आम नागरिक इस कदम की तारीफ कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही अन्य जिलों में भी ऐसी व्यवस्थाएँ लागू होंगी, ताकि पुलिस बल और अधिक उत्साहित होकर जनसेवा और अपराध नियंत्रण में जुट सके।
उज्जैन पुलिस की यह नई शुरुआत यह साबित करती है कि छोटे-छोटे कदमों से भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। जब पुलिसकर्मी को लगेगा कि उसकी मेहनत को तुरंत सम्मान मिल रहा है, तो निश्चित रूप से उसका कार्य प्रदर्शन और बेहतर होगा। यह योजना न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगी बल्कि आम जनता और पुलिस के बीच विश्वास की खाई को भी पाटने में मदद करेगी।
