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Report by: Ajit Kumar Thakur

Supaul : पिछले कई दिनों से सुपौल नगर परिषद में व्याप्त गतिरोध आखिरकार जिला प्रशासन की सक्रियता के बाद समाप्त हो गया है। बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद नगर परिषद कर्मचारियों ने अपना धरना और हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। इस समझौते से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि हड़ताल के कारण पिछले कुछ दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।

चेयरमैन के नेतृत्व में डीएम-एसपी से सफल वार्ता

Supaul नगर परिषद कर्मियों की मांगों और हालिया विवाद को सुलझाने के लिए नगर परिषद के चेयरमैन राघव झा ने पहल की। उनके नेतृत्व में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम सावन कुमार और एसपी से मुलाकात की।

वार्ता के दौरान कर्मचारियों ने उन परिस्थितियों और दुर्व्यवहार के आरोपों को विस्तार से रखा, जिसके कारण उन्हें हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा था। चेयरमैन राघव झा ने कर्मियों की समस्याओं से संबंधित एक औपचारिक ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

डीएम का आश्वासन: “दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई”

Supaul बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि कर्मचारियों के साथ बातचीत अत्यंत सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। प्रशासन ने कर्मियों के सभी जायज मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना है।

डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है, और यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी गरिमा और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

शहर में बहाल होगी सफाई व्यवस्था, आम जनता को राहत

Supaul प्रशासन के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद नगर परिषद कर्मियों ने तुरंत प्रभाव से धरना समाप्त कर दिया। कर्मियों के काम पर वापस लौटने की घोषणा के साथ ही शहर की गलियों और मुख्य मार्गों पर जमा कूड़े के अंबार को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बता दें कि हड़ताल की वजह से सुपौल शहर के विभिन्न वार्डों में गंदगी का अंबार लग गया था, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया था। अब हड़ताल समाप्त होने से शहर की सूरत फिर से बदलने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है और मांग की है कि ऐसे विवादों का समाधान आपसी संवाद से ही निकाला जाना चाहिए ताकि जनता को परेशानी न हो।

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