Report by: Ajit Thakur
Supaul : व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें वर्षों से लंबित मुकदमों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाधान निकाला गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के अध्यक्ष और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान सुपौल और वीरपुर न्यायालयों को मिलाकर कुल 1582 वादों का निष्पादन किया गया।

लोक अदालत के आंकड़े: करोड़ों की वसूली और प्री-लिटिगेशन पर जोर
Supaul राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सुपौल में 11 और वीरपुर में 3 विशेष बेंचों का गठन किया गया था। इस एक दिवसीय आयोजन में कुल 3 करोड़ 64 लाख 38 हजार 224 रुपये के समझौते हुए। आंकड़ों का विस्तार इस प्रकार है:
- प्री-लिटिगेशन मामले: कुल 1124 मामलों को कोर्ट में औपचारिक केस बनने से पहले ही सुलझा लिया गया, जिसमें 2.92 करोड़ रुपये से अधिक का सेटलमेंट हुआ।
- पोस्ट-लिटिगेशन मामले: न्यायालयों में लंबित 458 पुराने मुकदमों को खत्म कर 71.80 लाख रुपये का समझौता कराया गया।
- व्यवस्था: वादियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, मेडिकल टीम और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
“न्यायालय अंतिम उम्मीद का केंद्र”: प्रधान जिला जज का संबोधन
Supaul कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह ने न्यायपालिका की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अदालत में आने वाला हर व्यक्ति एक ‘अंतिम उम्मीद’ के साथ आता है।
“न्यायाधीशों का परम कर्तव्य है कि वे पूरी निष्पक्षता के साथ लोगों की सेवा करें। लोक अदालत त्वरित न्याय का वह जरिया है, जहां दोनों पक्ष जीत के अहसास के साथ घर लौटते हैं।”
उन्होंने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से अपील की कि वे गरीब और जरूरतमंद लोगों के ऋण संबंधी मामलों में सहानुभूतिपूर्वक रवैया अपनाएं ताकि समाज के निचले तबके को आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।
प्रशासनिक सक्रियता और ‘सेल्फी प्वाइंट’ का आकर्षण
Supaul जिलाधिकारी सावन कुमार ने लोक अदालत को आम जनता के लिए एक ‘स्वर्ण अवसर’ बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ होने वाले समझौतों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनके खिलाफ आगे अपील नहीं होती, जिससे वादियों का समय और पैसा दोनों बचता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक मामलों में सुलह का प्रयास करें।
इस आयोजन में एक विशेष सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया था, जो आकर्षण का केंद्र रहा। न्यायिक अधिकारियों और आम लोगों ने यहाँ तस्वीरें खिंचवाकर न्याय की इस प्रक्रिया को उत्सव की तरह मनाया। कार्यक्रम का संचालन मुंसिफ सुदीप पांडे ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सचिव अफजल आलम द्वारा दिया गया। इस मौके पर जिले के वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी, साइबर डीएसपी और बार एसोसिएशन के सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे।
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