Social Media: दुनिया भर में बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर बढ़ती चिंता अब नीतिगत कदमों में बदल रही है। फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत के राज्यों आंध्र प्रदेश और गोवा भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
Social Media: फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में पहले से लागू नियम
फ्रांस ने हाल ही में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने वाला विधेयक पास किया है। यह कानून सितंबर से नए शैक्षणिक सत्र में लागू होगा। ऑस्ट्रेलिया भी पहले ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा चुका है। फ्रांस में हाई स्कूलों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित किया गया है।
Social Media: भारत में न्यायिक सुझाव और सामाजिक चर्चा
भारत में इस मुद्दे पर न्यायिक स्तर पर भी चर्चा हो चुकी है। मद्रास हाईकोर्ट ने दिसंबर में केंद्र सरकार को सुझाव दिया था कि ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर भारत में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता के वकील ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बच्चों के मानसिक विकास पर गहरे असर का हवाला दिया और नियंत्रण की आवश्यकता बताई।
आंध्र प्रदेश और गोवा में तैयारी
आंध्र प्रदेश सरकार सोशल मीडिया पर मंत्रियों के समूह (GOM) की बैठक के जरिए बच्चों के लिए बैन के फायदे और नुकसान पर विचार करेगी। सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। गोवा सरकार भी इसी तरह के विकल्पों पर अध्ययन कर रही है। डिजिटल लत, पढ़ाई पर असर और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है।
संभावित असर और विशेषज्ञ राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में ऐसा कानून लागू होता है, तो यह केवल बच्चों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जाएगा।
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