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Report by: Avinash Srivastwa

Sasaram : बिहार के रोहतास जिले में पिछले एक महीने से रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले की 46 गैस एजेंसियों के लगभग 8 लाख से अधिक उपभोक्ता सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। विडंबना यह है कि एक तरफ जिला प्रशासन सिलेंडर की कमी न होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता हफ्तों से कतारों में खड़े हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि बिना डिलीवरी हुए ही लोगों के मोबाइल पर ‘गैस आपूर्ति’ के संदेश पहुंच रहे हैं।

Sasaram सिस्टम की लापरवाही: बिना सिलेंडर मिले ही पहुंच रही सब्सिडी

जिले के उपभोक्ताओं ने एक बेहद चौंकाने वाली शिकायत दर्ज कराई है। कई लोगों का कहना है कि गैस बुकिंग के बाद उन्हें मैसेज मिल रहा है कि सिलेंडर की आपूर्ति कर दी गई है, जबकि हकीकत में उनके घर तक गैस पहुंची ही नहीं। हद तो तब हो गई जब कुछ उपभोक्ताओं के बैंक खातों में बिना सिलेंडर लिए ही सब्सिडी की राशि भी क्रेडिट हो गई। डिजिटल सिस्टम की इस गड़बड़ी ने उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ा दी है क्योंकि आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें ‘लाभान्वित’ दिखा दिया गया है, जिससे वे दोबारा बुकिंग भी नहीं कर पा रहे।

Sasaram सांसद का प्रशासन पर कड़ा प्रहार: “कुव्यवस्था के कारण किचन छोड़ सड़कों पर महिलाएं”

सासाराम के स्थानीय कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने इस पूरे संकट के लिए सरकार और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा:

“यह पूरी तरह से प्रशासनिक कुव्यवस्था का परिणाम है। जिला प्रशासन दावा करता है कि स्टॉक में कोई कमी नहीं है, तो फिर लोग 15-20 दिनों से गोदामों के बाहर कतार में क्यों खड़े हैं? आज घर की महिलाएं किचन छोड़कर गैस के लिए सड़कों पर खड़ी हैं, जो बेहद शर्मनाक है।” सांसद ने आरोप लगाया कि ई-केवाईसी और अन्य तकनीकी बाधाओं का समाधान निकालने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है।

Sasaram ई-केवाईसी और तकनीकी पेच में उलझे उपभोक्ता

पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहे इस संकट का एक बड़ा कारण ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया में आ रही दिक्कतें भी बताई जा रही हैं। सर्वर डाउन होने और कागजी खानापूर्ति के नाम पर उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। परिवार का एक सदस्य अपने सभी जरूरी काम छोड़कर सुबह से शाम तक एजेंसी के बाहर खड़ा रहता है, लेकिन शाम को उसे खाली हाथ ही घर लौटना पड़ता है। समय बीतने के साथ यह समस्या सुलझने के बजाय और अधिक गहराती जा रही है।

Sasaram गोदामों के बाहर लंबी कतारें, जनता में बढ़ता आक्रोश

सासाराम सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर सुबह 4 बजे से ही लोगों की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। आम जनता का सवाल है कि यदि प्रशासन का दावा सही है और सिलेंडरों की किल्लत नहीं है, तो फिर कालाबाजारी या वितरण प्रणाली में गड़बड़ी की जांच क्यों नहीं की जा रही? लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और जल्द समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है।

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