Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

कीव: यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी हिस्से में रूसी सेना के ड्रोन हमले ने एक रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया, जहां दो यात्री ट्रेनें खड़ी थीं। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम 30 अन्य लोग घायल हो गए। घटना सुमी क्षेत्र के शहर शोस्तका में घटी, जो रूसी सीमा से महज 50 किलोमीटर दूर स्थित है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे “क्रूर रूसी ड्रोन हमला” करार देते हुए कहा कि यह नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर निशाना साधने का प्रयास था। हमले में एक ट्रेन का डिब्बा आग की लपटों में घिर गया, जिससे बचाव कार्य जटिल हो गया। यह घटना रूस द्वारा यूक्रेन की रेल नेटवर्क पर लगातार बढ़ते हमलों का हिस्सा है, जो सैन्य और नागरिक यातायात दोनों को प्रभावित कर रही है।

हमले का विस्तृत विवरण:
यह हमला शनिवार शाम को हुआ, जब रूसी सेना ने दो ड्रोन हमलों को अंजाम दिया। पहला ड्रोन स्थानीय कम्यूटर ट्रेन को निशाना बनाया, जबकि दूसरा हमला कीव जा रही लंबी दूरी की यात्री ट्रेन पर किया गया। यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री और पुनर्निर्माण मंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने बताया कि दूसरा ड्रोन तब फेंका गया जब बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच चुके थे और घायलों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। इस “डबल टैप” रणनीति का उद्देश्य बचावकर्मियों और भागने वालों को भी नुकसान पहुंचाना था।

शोस्तका रेलवे स्टेशन पर तैनात यूक्रेनियन रेलवे प्रमुख ओलेक्सांदर पर्ट्सोव्स्की ने इसे “घिनौना हमला” बताया, जो सीमावर्ती इलाकों से संपर्क को तोड़ने का प्रयास था। स्टेशन पर केवल नागरिक यातायात चल रहा था, जिसमें यात्रियों के अलावा रेल कर्मचारी भी मौजूद थे। हमले के तुरंत बाद, एक यात्री डिब्बे में आग लग गई, और खिड़कियां उड़ गईं। स्थानीय अभियोजकों के अनुसार, मृतक एक 71 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति था, जिसका शव ट्रेन के डिब्बे से बरामद हुआ। घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। सुमी क्षेत्र के गवर्नर ओलेह ह्रिहोरोव ने बताया कि आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई।

ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें क्षतिग्रस्त और जलते हुए डिब्बे की तस्वीरें दिखाई गईं। उन्होंने लिखा, “शोस्तका, सुमी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन पर क्रूर रूसी ड्रोन हमला। अब तक कम से कम 30 पीड़ितों की जानकारी मिली है। सभी आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंच चुकी हैं और लोगों की मदद कर रही हैं।” विदेश मंत्री एंड्रिज सिबिहा ने भी रूस पर आरोप लगाया कि यह जानबूझकर यात्री ट्रेनों पर हमला था, जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

बचाव और राहत प्रयास:
हमले के तुरंत बाद, स्थानीय अग्निशमन दल और चिकित्सा टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। सुमी के कार्यवाहक मेयर आर्टेम कोब्ज़ार ने कहा, “घायल यात्रियों को अस्पताल ले जाया जा रहा है और आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। अन्य लोग बचावकर्मियों की निगरानी में आश्रयों में हैं।” यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा ने आग बुझाने और मलबा हटाने का काम तेजी से किया, लेकिन ड्रोन के दूसरे हमले ने स्थिति को और जटिल बना दिया।

राष्ट्रीय रेल ऑपरेटर उकर्ज़ालिज़्नित्सिया ने स्टेशन के आसपास के इलाकों में यातायात को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। गवर्नर ह्रिहोरोव ने प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी जारी की और लोगों से सावधानी बरतने को कहा। यूक्रेन सरकार ने घायलों के इलाज और परिवारों को सहायता का वादा किया है।

व्यापक संदर्भ और प्रभाव:
यह हमला रूस द्वारा यूक्रेन की ऊर्जा और रेल बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। पिछले दो महीनों में, मॉस्को ने लगभग रोजाना रेल नेटवर्क को निशाना बनाया है, जो सैन्य आपूर्ति के साथ-साथ नागरिक यात्रा को भी प्रभावित कर रहा है। इस हफ्ते की शुरुआत में, रूस ने यूक्रेन के प्राकृतिक गैस उत्पादन सुविधाओं पर सबसे बड़ा हमला किया था। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले किए हैं, जो मॉस्को की सैन्य वित्तपोषण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

शोस्तका जैसे सीमावर्ती शहरों में यात्री यातायात को असुरक्षित बनाने का प्रयास रूस की रणनीति का हिस्सा लगता है, जो यूक्रेन को अलग-थलग करने का उद्देश्य रखता है। स्थानीय प्रशासन प्रमुख ओक्साना तारासियुक ने यूक्रेन के सार्वजनिक प्रसारक को बताया, “रूसी सेना को पता था कि वे नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। यह हमला हमारी सीमावर्ती समुदायों से संपर्क तोड़ने का प्रयास है।” इस घटना से रेल सेवाओं में व्यवधान हुआ है, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं।

नेताओं की प्रतिक्रियाएं:
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन को उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा, “रूस का यह हमला नागरिकों के खिलाफ युद्ध है। हमें मजबूत हथियारों की जरूरत है।” यूक्रेन के प्रमुख सलाहकार एंड्रिज यर्माक ने इसे “नागरिकों के खिलाफ युद्ध” करार दिया।

यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रूसी “क्रूरता” की निंदा की और मॉस्को पर दबाव बढ़ाने का आह्वान किया। अमेरिका भी यूक्रेन की लंबी दूरी की मिसाइलों की मांग पर विचार कर रहा है। विपक्षी दलों ने यूक्रेन सरकार से रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है।

निष्कर्ष: युद्ध की क्रूरता का नया अध्याय
यह हमला यूक्रेन में चल रहे संघर्ष की भयावहता को उजागर करता है, जहां नागरिक बुनियादी ढांचे को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। एक मौत और दर्जनों घायलों के साथ, यह घटना न केवल मानवीय संकट पैदा कर रही है, बल्कि आर्थिक और लॉजिस्टिकल चुनौतियां भी बढ़ा रही है। यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की मांग की है, जबकि रूस ने हमलों को “सैन्य लक्ष्यों” पर बताया है। शांति की उम्मीदें धूमिल हो रही हैं, लेकिन यूक्रेनी जनता की दृढ़ता बरकरार है। अधिक अपडेट के लिए यूक्रेन सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों का सहारा लें।