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Rural Roads: पीएम ग्रामीण सड़क योजना पर सख्त निगरानी, 10 IAS संभालेंगे जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति में प्रदेश के 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो ग्रामीण सड़कों के निर्माण, गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी करेंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और समयबद्ध सड़क निर्माण सुनिश्चित करना है।

Rural Roads: मुख्य सचिव को सौंपी गई कमान

इस हाई लेवल कमेटी की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को सौंपी गई है। समिति में वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, परिवहन, वन एवं पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय से नामांकित संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को भी समिति का सदस्य बनाया गया है।

Rural Roads: केंद्र को प्रस्ताव भेजने से लेकर स्वीकृतियों तक जिम्मेदारी

समिति का दायरा केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा। ये अधिकारी केंद्र सरकार को सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव भेजने, वन एवं पर्यावरण से संबंधित स्वीकृतियों में आ रही बाधाओं को दूर करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य भी करेंगे। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी।

भूमि उपलब्धता और सड़क नीति पर फोकस

कमेटी ग्रामीण सड़क क्षेत्रीय नीति के अनुरूप कार्यान्वयन, सड़कों की आवश्यक चौड़ाई सुनिश्चित करने और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी गति देगी। कई परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती बनता है, जिसे दूर करने के लिए यह समिति प्रशासनिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी एजेंडे में

ग्रामीण सड़कों के साथ-साथ समिति को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी दी गई है। ग्रामीण इलाकों में सड़क और परिवहन दोनों के विकास से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी मजबूत होगी।

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