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Report by: Avinash Srivastwa

Rohtas : बिहार के रोहतास जिले से एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शराबबंदी वाले राज्य में अवैध शराब के कारोबार का विरोध करना एक ग्रामीण के लिए काल बन गया। आयरकोठा थाना क्षेत्र के पडुहार गांव में दबंगों ने एक व्यक्ति की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना ने न केवल पुलिसिया मुस्तैदी बल्कि न्याय प्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद की जड़: निजी जमीन पर जबरन शराब की बिक्री

Rohtas मृतक की पहचान 43 वर्षीय राजेश कुमार राम (निवासी पडुहार) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, विवाद राजेश की निजी जमीन को लेकर शुरू हुआ था। गांव के ही कुछ रसूखदार लोग राजेश की जमीन पर अवैध रूप से शराब का भंडारण और बिक्री कर रहे थे। जब राजेश ने अपनी जमीन का दुरुपयोग होने से मना किया और इस अवैध धंधे का विरोध किया, तो आरोपी आगबबूला हो गए। गाली-गलौज से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया और आरोपियों ने राजेश को मरणासन्न होने तक पीटा।

इलाज के दौरान तोड़ा दम, पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

Rohtas गंभीर रूप से घायल राजेश को परिजनों ने आनन-फानन में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। राजेश की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

परिजनों का दावा: “जब हम अवैध शराब और दबंगई की शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने दोषियों को पकड़ने के बजाय मृतक राजेश के छोटे भाई को ही जेल भेज दिया। पुलिस के इस रवैये ने आरोपियों के हौसले और बुलंद कर दिए।”

पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई

Rohtas घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। आयरकोठा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सासाराम सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। हालांकि, पुलिस पर लगे आरोपों ने जिला प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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