Report by: Ranjan Kumar
Sheikhpura : बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री के पद और भविष्य के नेतृत्व को लेकर कयासों का दौर जारी है। इसी बीच शेखपुरा पहुंचीं बिहार सरकार की पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद ने मीडिया के तीखे सवालों का सामना किया। जब उनसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं और उनके बाद प्रदेश की कमान संभालने से जुड़ा सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी ही चतुराई से इस पर पल्ला झाड़ लिया। हालांकि, पश्चिम बंगाल के आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर उन्होंने खुलकर भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की।
Sheikhpura सीएम के भविष्य पर पल्ला झाड़ा: “शीर्ष नेतृत्व का है फैसला”
प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने मंत्री रमा निषाद से पूछा कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बनते हैं, तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस सवाल पर मंत्री ने कोई भी सीधा जवाब देने से साफ परहेज किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए इस संवेदनशील विषय को टाल दिया और कहा कि यह पूरी तरह से पार्टी और गठबंधन के “शीर्ष नेतृत्व” का विषय है। उनके इस मौन ने राजनीतिक जानकारों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बिहार की सत्ता के गलियारों में पर्दे के पीछे कुछ बड़ा पक रहा है।
Sheikhpura पश्चिम बंगाल चुनाव: भाजपा की सरकार बनने का विश्वास
बिहार के सवालों को टालने के बाद मंत्री रमा निषाद ने अपना ध्यान पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव पर केंद्रित किया। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि बंगाल की जनता इस बार बड़ा बदलाव करने जा रही है। मंत्री ने दावा किया कि वहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने बंगाल के विकास के लिए भाजपा की नीतियों को अनिवार्य बताया और कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन से जनता अब ऊब चुकी है।
Sheikhpura “प्रधानमंत्री मोदी के विकास मॉडल पर जनता को भरोसा”
बंगाल में भाजपा की मजबूती का आधार बताते हुए रमा निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति बंगाल की जनता का अटूट विश्वास ही भाजपा की जीत सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बंगाल के गांव-गांव तक पहुँचा है। मंत्री के अनुसार, पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में डटी हुई है और विकास का एजेंडा ही चुनाव का मुख्य केंद्र बिंदु रहेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता हिंसा की राजनीति को त्यागकर विकास के साथ खड़ी होगी।
Sheikhpura पार्टी अनुशासन और भावी नेतृत्व का संकेत
मंत्री के बयानों से यह स्पष्ट झलकता है कि एनडीए गठबंधन के भीतर नेतृत्व परिवर्तन जैसे विषयों पर मंत्रियों को बेहद संभलकर बोलने के निर्देश दिए गए हैं। रमा निषाद ने खुद को केवल अपने विभाग और चुनावी रणनीति तक सीमित रखकर यह संदेश दिया कि पार्टी के भीतर पद और नेतृत्व के फैसले बंद कमरों में लिए जाएंगे, न कि मीडिया के सामने। फिलहाल, उनके इस ‘पल्ला झाड़ने’ वाले अंदाज ने बिहार की राजनीति में सस्पेंस को और अधिक गहरा कर दिया है।
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