Railway: पहाड़ों को चीरती परियोजना
मध्यप्रदेश की बहुप्रतीक्षित इंदौर–बुधनी नई रेल लाइन परियोजना ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने इस परियोजना की टनल-2 में पहली 100 मीटर खुदाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। बेहद चुनौतीपूर्ण भू-गर्भीय परिस्थितियों में दो महीनों में हासिल की गई उपलब्धि भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग क्षमता का मजबूत प्रमाण है।
Railway: टनल-2 में ऐतिहासिक प्रगति
आरवीएनएल द्वारा टनल-2 में 100 मीटर खुदाई का काम पूरा किया जाना परियोजना के लिए बड़ा मील का पत्थर है। कमजोर और जटिल चट्टानी संरचना के बावजूद तय समय में यह कार्य पूरा किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परिस्थितियों में सुरंग निर्माण बेहद जोखिम भरा होता है। लेकिन आधुनिक तकनीक और कुशल प्रबंधन ने इसे संभव बना दिया।
Railway: इंदौर से जबलपुर की दूरी होगी काफी कम
इंदौर–बुधनी रेल लाइन के पूरा होने के बाद इंदौर और जबलपुर के बीच रेल दूरी करीब 150 किलोमीटर तक घट जाएगी। इससे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सीधा और तेज रेल संपर्क स्थापित होगा। यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन के लिए भी यह रूट एक प्रभावी और वैकल्पिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बल
इस परियोजना का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिला है। भविष्य में रेल लाइन शुरू होने के बाद पर्यटन, व्यापार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे पलायन की समस्या में भी कमी आ सकती है।
नेतृत्व ने बताया विकास की मजबूत नींव
आरवीएनएल के प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने टनल-2 की इस उपलब्धि को कंपनी की इंजीनियरिंग दक्षता और परियोजना प्रबंधन की सफलता बताया। वहीं कन्नौद–खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा ने इसे क्षेत्रीय विकास के लिए निर्णायक कदम बताया। उनके अनुसार यह रेल परियोजना आने वाले वर्षों में रोजगार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देगी।
सबसे कठिन पहाड़ी इलाके में सुरंग निर्माण
टनल-2 का निर्माण ऐसे क्षेत्र में किया जा रहा है, जहां सुरंग निर्माण के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रॉक क्लास-वी श्रेणी की चट्टानें पाई जाती हैं। कमजोर चट्टानें, लगातार जल रिसाव और भूस्खलन की आशंका इस कार्य को और कठिन बनाती हैं। इसके बावजूद आरवीएनएल ने उन्नत खुदाई तकनीक, रियल-टाइम जियो-टेक्निकल निगरानी और मजबूत सुरक्षा उपायों के साथ खुदाई पूरी की। स्थिरता बनाए रखने के लिए खुदाई के तुरंत बाद प्राथमिक सपोर्ट सिस्टम भी लगाया गया। इंदौर–बुधनी रेल लाइन परियोजना मध्यप्रदेश के रेल नक्शे को नया स्वरूप देने के साथ पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
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