by-Ravindra Sikarwar
गणेश चतुर्थी भारत में सबसे लोकप्रिय हिंदू त्योहारों में से एक है, जिसे हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है और यह 10 दिनों तक चलता है, जिसका समापन प्रतिमा के जल में विसर्जन के साथ होता है। इस वर्ष, 27 अगस्त, 2025 से शुरू होने वाला यह उत्सव, देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ शुरू होने वाला है।
गणेश चतुर्थी 2025: त्योहार की रौनक पर बारिश का साया
देश भर में गणेश चतुर्थी की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, लेकिन कई राज्यों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने त्योहार के पहले दिन, 27 अगस्त को, मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे इन क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की संभावना है।
- झारखंड में बारिश का पूर्वानुमान: झारखंड में 25 से 28 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिसके साथ गरज और बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके बाद, बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण 29 अगस्त से राज्य में भारी बारिश हो सकती है।
- देश के अन्य हिस्सों में भीगी शुरुआत: हालाँकि पूरे भारत के लिए विशिष्ट पूर्वानुमान उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन चल रहे मानसून पैटर्न से संकेत मिलता है कि देश के कई हिस्सों में त्योहार की शुरुआत भीगी हुई हो सकती है।
तैयारियों का ज़ोरदार माहौल:
मौसम की चुनौतियों के बावजूद, त्योहार की तैयारियाँ पूरे जोश के साथ चल रही हैं।
- मूर्तिकारों की मेहनत: कारीगर भगवान गणेश की मूर्तियाँ बनाने में दिन-रात लगे हुए हैं। इस साल, अयोध्या मंदिर की डिज़ाइन से प्रेरित मूर्तियों की बहुत अधिक मांग देखी जा रही है।
- बढ़ती हुई कीमतें: इस वर्ष गणेश मूर्तियों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका एक कारण बढ़ती हुई महंगाई है, जबकि दूसरा कारण अयोध्या मंदिर की थीम वाली मूर्तियों की अत्यधिक मांग है।
- पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियाँ: जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ, लोग अब तेजी से पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की मूर्तियों को अपना रहे हैं जो पानी में पूरी तरह से घुल जाती हैं। यह कदम जल प्रदूषण को कम करने और एक स्थायी उत्सव मनाने की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव है।
यह उत्सव हर साल अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है, और इस बार भी बारिश के बावजूद इसकी तैयारी में कोई कमी नहीं है।
