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Report by: Santosh Sarawagi

Pichhore : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाले पिछोर और डबरा क्षेत्र में सहकारिता विभाग और किसानों से जुड़ा एक बड़ा आर्थिक अपराध सामने आया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की सतर्कता और जांच के बाद, ग्रामीण खाद वितरण प्रणाली में करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की भारी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग समितियों के प्रबंधकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घोटाला न केवल सरकारी खजाने को चूना लगाने वाला है, बल्कि यह किसानों के हक की खाद के लिए आवंटित राशि के दुरुपयोग को भी दर्शाता है।

Pichhore जिला बैंक की जांच में खुली भ्रष्टाचार की पोल

इस पूरे घोटाले का सूत्रपात जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की आंतरिक ऑडिट और जांच से हुआ। दरअसल, नियम के अनुसार बैंक द्वारा ग्रामीण सहकारी समितियों को खाद के अग्रिम उठाव और वितरण के लिए एक निश्चित बजट और गाइडलाइन जारी की जाती है। जब बैंक प्रबंधन ने समितियों के खातों और खाद के स्टॉक का मिलान किया, तो भारी विसंगतियां पाई गईं। जांच टीम ने पाया कि सरकारी निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रबंधकों ने खाद की राशि को सरकारी खाते में जमा करने के बजाय निजी लाभ के लिए उपयोग किया। बैंक प्रबंधन ने गबन की गई राशि की वसूली के लिए संबंधित अधिकारियों को कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन आरोपियों की ओर से कोई ठोस जवाब या राशि वापस नहीं की गई। अंततः बैंक को कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस की शरण लेनी पड़ी।

Pichhore आरोपी प्रबंधक और गबन का गणित

पुलिस और बैंक की जांच रिपोर्ट के अनुसार, तीन प्रमुख समितियों के प्रबंधकों ने इस जालसाजी को अंजाम दिया है। गबन की गई कुल राशि 1.30 करोड़ रुपये के करीब है, जिसका विवरण निम्नलिखित है:

  1. पुट्टी समिति: यहाँ के सहायक प्रबंधक पंकज भार्गव पर सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में उन पर 50 लाख रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के साक्ष्य मिले हैं।
  2. किटोरा समिति: प्रबंधक नाथूराम स्वामी ने पद का दुरुपयोग करते हुए लगभग 53 लाख रुपये की राशि की हेराफेरी की।
  3. अजयगढ़ समिति: यहाँ के प्रबंधक नंदकिशोर शर्मा पर करीब 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप सही पाया गया है।

इन तीनों ही मामलों में पुलिस ने पिछोर और गिजौर्रा थानों में सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पुलिसिया कार्रवाई और भविष्य की जांच

डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बैंक की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। पिछोर थाने में दो और गिजौर्रा थाने में एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गबन में बैंक के कुछ अन्य अधिकारी या बिचौलिए भी शामिल थे। साथ ही, पुलिस का मुख्य ध्यान गबन की गई इस विशाल राशि की रिकवरी पर है। इस घोटाले के उजागर होने के बाद क्षेत्र की अन्य सहकारी समितियों में भी हड़कंप मचा हुआ है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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