Report by: Yogendra Singh
Pandokhar Sarkar Mahotsav 2026 : सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र पंडोखर सरकार धाम में इस वर्ष 30वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य रूप में आयोजित होने जा रहा है। इसी क्रम में, पंडोखर सरकार धाम के पीठाधीश्वर पंडित श्री गुरु शरण शर्मा (गुरुजी) ने दिल्ली में अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सनातन सम्राट जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज से भेंट की। इस आत्मीय मिलन के दौरान गुरुजी ने स्वामी चक्रपाणि जी को आगामी महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का ससम्मान निमंत्रण दिया।

21 दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव: 2 अप्रैल से होगा शुभारंभ
Pandokhar Sarkar Mahotsav 2026 पंडोखर सरकार धाम का यह ऐतिहासिक महोत्सव 2 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस 21 दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और प्रतिष्ठित संतों के जुटने की उम्मीद है। स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने गुरुजी द्वारा दिए गए इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और उन्हें भगवा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
स्वामी चक्रपाणि जी ने इस अवसर पर पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि पंडोखर सरकार (गुरुजी) से उनका आध्यात्मिक जुड़ाव लगभग 10 वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ के राजिम कुंभ में शुरू हुआ था। तब से दोनों संतों के बीच सनातन धर्म के उत्थान को लेकर निरंतर संवाद और प्रगाढ़ संबंध बने हुए हैं।
राष्ट्र और धर्म रक्षा पर गहन चिंतन
Pandokhar Sarkar Mahotsav 2026 इस मुलाकात के दौरान केवल निमंत्रण ही नहीं, बल्कि समसामयिक धार्मिक विषयों पर भी गंभीर चर्चा हुई। दोनों आध्यात्मिक गुरुओं ने राष्ट्र सुरक्षा, धर्म रक्षा, गौ-सेवा और सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
पंडोखर सरकार (गुरुजी) ने स्वामी चक्रपाणि जी द्वारा हिंदू महासभा के माध्यम से किए जा रहे साहसिक कार्यों की सराहना की। वहीं, स्वामी चक्रपाणि जी ने भी पंडोखर सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों में मंदिरों की स्थापना, भव्य भंडारों का आयोजन और जनसेवा के माध्यम से गुरुजी समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का अद्भुत कार्य कर रहे हैं।
सनातन संस्कृति का वैश्विक संगम: श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध
Pandokhar Sarkar Mahotsav 2026 पंडोखर धाम का यह महोत्सव अब केवल क्षेत्रीय आयोजन न रहकर एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक उत्सव का रूप ले चुका है। 2026 के इस महोत्सव में विशेष यज्ञ, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
प्रशासन और धाम प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पंडोखर सरकार की महिमा और उनके ‘दिव्य दरबार’ के प्रति लोगों की अटूट आस्था को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार का महोत्सव पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। संतों का यह समागम न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करेगा, बल्कि सनातन धर्म की एकता का संदेश भी विश्व भर में प्रसारित करेगा।
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