Spread the love

संयुक्त राष्ट्र: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से पाकिस्तान बुरी तरह से सहमा हुआ है। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से बैठक बुलाने की अपील की थी। आज (5 मई, 2025) UNSC की मीटिंग बुलाई गई है। अब पाकिस्तान ने UNSC से एक और गुहार लगाई है कि इस संवेदनशील मामले पर बंद कमरे में बातचीत की जाए।

पहलगाम हमले के बाद तनाव और पाकिस्तान की अपील:
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई, के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इन कदमों से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। इसी डर के चलते पाकिस्तान ने UNSC से हस्तक्षेप की मांग करते हुए बैठक बुलाने का आग्रह किया था। अब, बैठक से पहले, पाकिस्तान चाहता है कि इस मुद्दे पर खुली चर्चा के बजाय बंद कमरे में विचार-विमर्श हो।

UNSC में बंद कमरे की चर्चा:
पाकिस्तान की मांग पर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा हालातों पर बंद कमरे में विचार-विमर्श करेगा। UNSC में बंद कमरे में होने वाली चर्चा सार्वजनिक नहीं होती है। यह ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान वर्तमान में UNSC का एक अस्थायी सदस्य है और वह जुलाई महीने में 15 देशों वाली इस महत्वपूर्ण संयुक्त राष्ट्र संस्था की अध्यक्षता करने वाला है।

भारत की जवाबी कार्रवाई का डर:
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सब जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहलगाम हमले के बाद जो स्थिति उत्पन्न हुई है, वह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा है। अहमद ने कहा कि पाकिस्तान समेत UNSC के किसी भी सदस्य के लिए यह पूरी तरह से उचित है कि वह सुरक्षा परिषद की बैठक और चर्चा का अनुरोध करे ताकि इस गंभीर स्थिति पर विचार किया जा सके। पाकिस्तान की इस अपील को भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर के रूप में देखा जा रहा है।

पाकिस्तान के विरोधाभासी बयान:
पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। एक तरफ, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, सूचना मंत्री, रेल मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जैसे बड़े नेताओं ने भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला है। इन नेताओं ने भारत को गौरी, गजनवी, अब्दाली जैसी मिसाइलों और परमाणु हथियारों तक की धमकी दी है। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कई बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पहलगाम हमले की जांच कराने की बात कही है, जो एक हास्यास्पद नाटक प्रतीत होता है।

भारत के कड़े फैसले:
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े और निर्णायक फैसले लिए हैं, जिनका पाकिस्तान पर गहरा प्रभाव पड़ना तय है। भारत ने सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा रद्द कर दिया गया है। भारत ने पाकिस्तान स्थित अपने उच्चायोग से अपने रक्षा सलाहकारों को वापस बुला लिया है। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी प्रकार के व्यापारिक संबंधों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है, जो पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पड़ोसी देश के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा।

भारत के इन सख्त कदमों और संभावित आगे की कार्रवाई के डर से पाकिस्तान अब UNSC में बंद कमरे में बातचीत की गुहार लगा रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव से किसी तरह खुद को बचाया जा सके। हालांकि, भारत अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है और आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखने के लिए स्वतंत्र है।