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by-Ravindra Sikarwar

आज का दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक बेहद खास दिन है। 14 अगस्त 1990 को, मात्र 17 साल की उम्र में, सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक लगाकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। यह यादगार पारी उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेली थी।

मैच का विवरण:
यह टेस्ट मैच भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। इंग्लैंड ने भारत के सामने 408 रनों का एक विशाल लक्ष्य रखा था। भारतीय टीम मुश्किल में थी, और 109 रन पर 4 विकेट खो चुकी थी। ऐसे नाजुक समय में, 17 साल के युवा सचिन तेंदुलकर क्रीज पर आए।

सचिन की ऐतिहासिक पारी:
सचिन ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 119 रन की नाबाद पारी खेली। उनकी यह पारी न केवल उनका पहला शतक था, बल्कि इसने भारत को मैच ड्रॉ कराने में भी मदद की। इस पारी की बदौलत भारत ने सीरीज में अपनी उम्मीदें जीवित रखीं।

इस शतक का महत्व:
सचिन तेंदुलकर के लिए यह शतक एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। यह उनकी प्रतिभा और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता का प्रमाण था। इस मैच के बाद से, उन्हें क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जाने लगा। इंडिया टुडे के अनुसार, सचिन ने यह शतक 17 साल और 112 दिन की उम्र में बनाया, जो उन्हें सबसे कम उम्र में टेस्ट शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में से एक बनाता है।

इस पारी ने यह साबित कर दिया कि सचिन एक असाधारण खिलाड़ी थे और आने वाले समय में वे क्रिकेट की दुनिया पर राज करने वाले थे।