Report by: Yogendra Singh
Noida : उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र नोएडा में आज सुबह शांति का माहौल अचानक रणक्षेत्र में बदल गया। वेतन वृद्धि और बुनियादी अधिकारों को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा शांतिपूर्ण आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। नोएडा के फेज-2 और सेक्टर-62 जैसे इलाकों में सड़कों पर मज़दूरों का हुजूम उतर आया, जिसके बाद आगजनी और पथराव की घटनाओं ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा।
Noida सड़कों पर ‘सैलरी’ की जंग: कैसे बिगड़े हालात?
नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी पिछले 72 घंटों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। हालांकि, आज सुबह प्रदर्शनकारियों का धैर्य जवाब दे गया। प्रदर्शन ने तब हिंसक रूप ले लिया जब फेज-2 इलाके में कुछ वाहनों में आग लगा दी गई और फैक्ट्रियों पर पथराव हुआ। मज़दूरों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन प्रबंधन और प्रशासन की अनदेखी ने उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया। फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए कई थानों की फोर्स फ्लैग मार्च कर रही है।
Noida मज़दूरों की मुख्य मांगें: क्यों है कर्मचारियों में आक्रोश?
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि आज के महंगाई के दौर में 10 से 13 हजार रुपये की मासिक सैलरी में परिवार का गुजारा करना असंभव है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- वेतन में 35% की वृद्धि: कर्मचारी हरियाणा सरकार की तर्ज पर न्यूनतम वेतन में 35 फीसदी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
- न्यूनतम मजदूरी का मुद्दा: मजदूरों का आरोप है कि सरकार ने न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये तय करने की बात कही है, लेकिन कंपनियां उन्हें मात्र 11,000 रुपये ही दे रही हैं।
- ओवरटाइम का भुगतान: फैक्ट्रियों में ओवरटाइम का डबल भुगतान सुनिश्चित किया जाए और बकाया बोनस तुरंत दिया जाए।
- सम्मानजनक कार्यस्थल: महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार बंद हो और ड्यूटी के दौरान गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले।
Noida प्रशासन का एक्शन प्लान और समाधान की कोशिशें
बवाल बढ़ता देख नोएडा प्रशासन तुरंत हरकत में आया है। मज़दूरों के गुस्से को शांत करने के लिए प्रशासन ने कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अब से श्रमिकों को समय पर वेतन और सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी। साथ ही, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान तय करने और किसी भी आपात स्थिति या छंटनी की सूरत में उचित मुआवजा देने का प्रावधान किया जा रहा है। मज़दूरों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जा रहा है, ताकि सीधे संवाद बना रहे।
Noida मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख
नोएडा की इस हिंसा और मज़दूरों के असंतोष पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मज़दूरों को उनका वाजिब और सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों के भीतर मज़दूरों की जायज़ समस्याओं का समाधान किया जाए। इसके साथ ही, सीएम ने पुलिस प्रशासन को उन असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नज़र रखने को कहा है जो मज़दूरों के आंदोलन की आड़ में भड़काऊ गतिविधियां कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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