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Report by: Rishav Kumar

Nawada : जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र स्थित अंधरवारी गांव के बधार में शुक्रवार को आग ने ऐसा तांडव मचाया कि किसानों की महीनों की मेहनत देखते ही देखते राख के ढेर में तब्दील हो गई। भीषण गर्मी और तेज पछुआ हवा के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे 100 बीघा से अधिक खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर बर्बाद हो गई। इस घटना से प्रभावित आधा दर्जन से अधिक किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

Nawada देखते ही देखते राख हुई सुनहरी फसल

जानकारी के अनुसार, अंधरवारी गांव के खेतों में दोपहर के समय अचानक आग की लपटें दिखाई दीं। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तेज हवाओं ने आग को तेजी से फैला दिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर से धुएं का गुबार देखा जा रहा था। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई। किसानों ने बताया कि उनकी आंखों के सामने उनकी साल भर की कमाई जल रही थी और वे बेबस नजर आ रहे थे।

Nawada अग्निशमन विभाग पर लापरवाही का आरोप

घटना की सूचना मिलते ही रजौली से अग्निशमन विभाग की दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन किसानों का आरोप है कि विभाग की तैयारी नाकाफी थी। किसान बिपिन सिंह और अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दमकल की गाड़ियों में पानी जल्द ही खत्म हो गया। पानी खत्म होने के बाद जब आग पर काबू नहीं पाया जा सका, तो किसान और अग्निशमन कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किसानों का कहना है कि विभाग केवल खानापूर्ति करने पहुंचा था, जिससे नुकसान और बढ़ गया।

Nawada आधा दर्जन किसानों को लाखों का नुकसान

इस अगलगी की घटना में क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन किसानों की फसलें पूरी तरह स्वाहा हो गई हैं। पीड़ित किसानों ने बताया कि फसल बेचकर उन्हें घर की जरूरतों और अगली बुवाई के लिए पूंजी जुटानी थी, लेकिन अब उनके पास कुछ नहीं बचा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से राजस्व विभाग की टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजे की मांग की है।

Nawada ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से पाया काबू

दमकल की गाड़ियों में पानी की किल्लत और प्रशासनिक सुस्ती के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। गांव के युवाओं और किसानों ने पंप सेट और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल कर काफी मशक्कत के बाद आग को आगे बढ़ने से रोका, अन्यथा नुकसान का आंकड़ा हजारों बीघा तक पहुंच सकता था। घटना के बाद से ही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा और आक्रोश का माहौल है।

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