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Report by: Rishabh Kumar

Nawada : बिहार के नवादा जिले में भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखने को मिलेगा। रजौली अनुमंडल ईंट भट्ठा संचालक संघ ने कोयले की बढ़ती कीमतों और बेमौसम बारिश से हुए भारी नुकसान के बाद ईंटों के दामों में वृद्धि करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रविवार को रजौली अनुमंडल मुख्यालय स्थित हरदिया के समीप एक निजी होटल परिसर में आयोजित बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। इस निर्णय का सीधा असर अब आम जनता की जेब और निर्माण कार्यों के बजट पर पड़ना तय माना जा रहा है।

उत्पादन लागत में भारी वृद्धि: बेमौसम बारिश बनी मुख्य कारण

Nawada बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रखंड अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष ईंट भट्ठा संचालकों को प्रकृति और बाजार दोनों तरफ से मार झेलनी पड़ी है। अत्यधिक और बेमौसम वर्षा के कारण तैयार और कच्चे ईंटों को भारी क्षति पहुँची है, जिससे उत्पादन की लागत (Production Cost) में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

इसके साथ ही, ईंट पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कोयले के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने संचालकों की कमर तोड़ दी है। संघ के सदस्यों का कहना है कि पुरानी दरों पर ईंट बेचना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा था, जिसके कारण कीमतों में संशोधन करना अनिवार्य हो गया था। इस बैठक में रजौली, सिरदला और अकबरपुर प्रखंड के 100 से अधिक भट्ठा मालिक शामिल हुए।

ईंटों की नई दरें निर्धारित: प्रथम श्रेणी अब ₹8500 के पार

Nawada बैठक में विचार-विमर्श के बाद वित्तीय वर्ष के लिए ईंटों की नई दरें घोषित की गई हैं। संघ द्वारा तय की गई कीमतें इस प्रकार हैं:

ईंट की श्रेणीनिर्धारित नई दर (प्रति हजार ईंट)
प्रथम श्रेणी (First Class)₹8,500
द्वितीय श्रेणी (Second Class)₹7,500
तृतीय श्रेणी (Third Class)₹6,500

नोट: उपरोक्त कीमतों में परिवहन शुल्क (Transportation Charge) शामिल नहीं है। ग्राहकों को दूरी के अनुसार अतिरिक्त भाड़ा देना होगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि ये दरें तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएंगी।

कानूनी अनुपालन और भविष्य की रणनीति

Nawada कीमतों के निर्धारण के अलावा, बैठक में मिट्टी कटाई को लेकर उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा जारी हालिया आदेशों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। संघ ने सभी भट्ठा मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे मिट्टी की व्यवस्था सुनिश्चित करते समय कानूनी प्रक्रियाओं और पर्यावरणीय नियमों का पूरी तरह पालन करें। किसी भी प्रकार के अवैध खनन या नियमों के उल्लंघन से बचने की सलाह दी गई है।

बैठक में मुख्य रूप से ईंट भट्ठा संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद के साथ रवि सिंह, अनिल यादव, प्रमोद यादव, सुरेश मेहता, रविन्द्र पंडित, विनय यादव और मनोज कमलिया सहित बड़ी संख्या में संचालक मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि ईंट उद्योग को बचाने के लिए यह कठोर निर्णय लेना समय की मांग थी।

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