ग्वालियर। अंचल में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदली और देखते ही देखते शहर जलमग्न हो गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के सटीक बैठते ही दोपहर बाद आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल लिया और शाम होते-होते तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। इस बेमौसम बदलाव से शहर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
दोपहर ३ बजे से बदला मिजाज, ४ बजे बरसी ‘आफत’
शनिवार की सुबह से ही उमस और गर्मी का अहसास हो रहा था, लेकिन दोपहर ३ बजे के बाद अचानक हवाओं का रुख बदला और आसमान में काले घने बादल छा गए। शाम ४ बजे के करीब शहर के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरना शुरू हो गए। लगभग आधे घंटे तक हुई इस ओलावृष्टि और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
४०-५० किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं, गिरा तापमान
बारिश के साथ ही ग्वालियर में ४० से ५० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चला। तेज हवाओं के कारण शहर के कई इलाकों में पेड़ों की टहनियां टूट गईं और बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव के कारण दिन का तापमान तेजी से नीचे गिरा और शाम होते-होते यह २२ डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इससे लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन ओलावृष्टि ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट रहा सटीक
बता दें कि मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए पहले ही ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया था। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई थी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले २४ घंटों के दौरान भी मौसम का मिजाज इसी तरह का बना रह सकता है और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना है।
