by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक दुखद घटना घटी, जब गोविंदपुरा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार दिनेश साहू का अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यह हादसा तब हुआ जब वे आधिकारिक कर्तव्य पर थे, जिससे पूरे प्रशासनिक विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। साहू की उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है, और वे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत के आगमन से जुड़ी ड्यूटी पर नियुक्त थे। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचाया, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।
घटना का विवरण: ड्यूटी के बीच अचानक दौरा
दिनेश साहू उस दिन दोपहर करीब 12:45 बजे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत के स्वागत और लॉजिस्टिक व्यवस्था के लिए हवाई अड्डे पर तैनात थे। रावत मुंबई के लिए रवाना होने वाले थे, और साहू को लिंक अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ, और वे मौके पर ही गिर पड़े। सहकर्मियों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गांधी नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया है, और प्रारंभिक जांच में इसे प्राकृतिक कारणों से हृदयाघात ही पाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण सामने आ सके।
साहू के सहकर्मी बताते हैं कि वे उस समय हवाई अड्डे के वीआईपी लाउंज क्षेत्र में थे, जहां वे सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी मच गई, और ड्यूटी पर तैनात अन्य अधिकारी व सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सीपीआर देने का प्रयास किया। हालांकि, समय पर चिकित्सा सहायता न मिल पाने के कारण स्थिति बिगड़ गई।
पृष्ठभूमि: समर्पित अधिकारी का सफर
दिनेश साहू मध्य प्रदेश राजस्व विभाग में लंबे समय से सेवा दे रहे थे। वे मूल रूप से राजस्व निरीक्षक के पद से जुड़े थे और लगभग दो वर्ष पूर्व नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नत हुए थे। पदोन्नति के बाद वे पहले टिकमगढ़ जिले में तैनात रहे, लेकिन तीन माह पूर्व भोपाल स्थानांतरित होकर गोविंदपुरा तहसील में जॉइन किया। यहां वे भूमि विवादों, राजस्व संग्रह और जन शिकायतों के निपटारे में सक्रिय थे। सहकर्मियों के अनुसार, साहू अपनी कर्तव्यनिष्ठा और मेहनत के लिए जाने जाते थे। वे अक्सर लंबे घंटे काम करते थे, जो सरकारी नौकरियों में आम समस्या है। उनका परिवार पूरी तरह भोपाल में ही रहता है, जहां वे सामान्य जीवन जी रहे थे।
परिवार और शोक सभा: पत्नी व पुत्रों पर दुखद प्रहार
साहू के निधन की खबर मिलते ही उनकी पत्नी और दो पुत्र अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अंतिम दर्शन किए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था, और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत सहायता की व्यवस्था की। हजूर एसडीएम विनोद सोनाकिया, तहसीलदार सौरभ वर्मा और एसडीएम रविश कुमार श्रीवास्तव अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पोस्टमार्टम प्रक्रिया का निरीक्षण किया और परिवार को सांत्वना दी। विभागीय स्तर पर शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें साहू के योगदान को याद किया गया। मध्य प्रदेश सरकार ने उनके परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और नौकरी के अवसरों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
प्रतिक्रियाएं: स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवालों की बौछार
इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों के कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर कर दिया है। पूर्व सहकर्मियों और यूनियनों ने सोशल मीडिया पर आवाज उठाई कि हवाई अड्डे जैसे व्यस्त स्थानों पर तत्काल चिकित्सा इकाई की कमी घातक साबित हो सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “नायब तहसीलदार जैसे पदों पर तैनात कर्मचारी अक्सर उच्च दबाव का सामना करते हैं—भूमि विवाद, जनता की शिकायतें और अचानक ड्यूटी। स्वास्थ्य जांच और तनाव प्रबंधन की व्यवस्था जरूरी है।”
राज्य स्तर पर, यह घटना कर्मचारी कल्याण योजनाओं पर पुनर्विचार की मांग को तेज कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में एईडी (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) मशीनें और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ अनिवार्य होने चाहिए। इसी बीच, भोपाल जिला प्रशासन ने साहू के सम्मान में एक मिनट का मौन रखने का ऐलान किया है।
निष्कर्ष: एक सबक और स्मृति
दिनेश साहू का अकस्मात निधन न केवल एक व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक चेतावनी भी है। उनकी समर्पित सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा, और यह घटना आशा जगाती है कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, सभी ने उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। यह दुखद प्रसंग हमें याद दिलाता है कि कर्तव्य के साथ-साथ स्वास्थ्य की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
