Report by: Athar Khan
Munger : बिहार के मुंगेर जिले में नक्सलियों के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियान में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। लड़ेयाटांड थाना क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा संचालित एक विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई ने नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में सुरक्षाबलों के मनोबल को और ऊँचा कर दिया है।

कथोटिया पहाड़ी पर घेराबंदी: नक्सलियों के गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़
Munger गुप्त सूचना के आधार पर सीआरपीएफ (CRPF) की टीम ने लड़ेयाटांड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कथोटिया पहाड़ी इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि उग्रवादी इस दुर्गम क्षेत्र का उपयोग अपने हथियारों और गोला-बारूद को छिपाने के लिए कर रहे हैं।

ऑपरेशन के दौरान जवानों ने जब संदिग्ध ठिकानों की बारीकी से जांच की, तो उन्हें एक स्थान पर छिपाकर रखे गए AK-47 राइफल के 44 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पहाड़ी और घने जंगलों का फायदा उठाकर नक्सली अक्सर सुरक्षाबलों की नजरों से बचने का प्रयास करते हैं, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उनकी इस योजना को विफल कर दिया।
कॉम्बिंग ऑपरेशन: उग्रवादियों की कमर तोड़ने की तैयारी
Munger जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन को अब और तेज कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद किए गए कारतूसों की संख्या और उनकी मारक क्षमता को देखते हुए यह अंदेशा जताया जा रहा है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
ऑपरेशन की मुख्य बातें:
- सटीक सूचना: खुफिया तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर इस सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
- AK-47 कारतूस: बरामद किए गए 44 कारतूस सीधे तौर पर यह संकेत देते हैं कि इलाके में आधुनिक हथियारों की आवाजाही रही है।
- निरंतर सर्च: लड़ेयाटांड और आसपास के वन क्षेत्रों में अभी भी सुरक्षाबलों की गश्त जारी है ताकि किसी भी अन्य संदिग्ध वस्तु या ठिकाने का पता लगाया जा सके।
जांच और सुरक्षा व्यवस्था: पुलिस अलर्ट पर
Munger कारतूसों की बरामदगी के बाद लड़ेयाटांड थाना पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये कारतूस किस नक्सली दस्ते के थे और उन्हें वहां पहुँचाने में किन स्थानीय संपर्कों का हाथ हो सकता है।
मुंगेर पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें। फिलहाल, पूरे पहाड़ी क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और नक्सलियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
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