By: Ravindra Sikarwar
मुंबई: क्रिसमस की छुट्टी के बाद 26 दिसंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। साल के अंतिम सप्ताह में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम और मुनाफावसूली के दबाव से प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती घंटों में सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा गिरकर 85,200 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 26,100 से नीचे फिसल गया। निवेशकों में सतर्कता हावी रही, क्योंकि कोई नया बड़ा ट्रिगर नहीं था। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी ने बड़ी गिरावट को रोकने का काम किया।
प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन
26 दिसंबर को बाजार खुलते ही दबाव दिखा। सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 85,408 से करीब 200-250 अंकों की गिरावट के साथ 85,200 के करीब कारोबार कर रहा था। इसी तरह निफ्टी 50 में 50-60 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई और यह 26,080-26,100 के दायरे में रहा।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अधिकांश में गिरावट देखी गई, जबकि कुछ चुनिंदा शेयरों में हल्की खरीदारी हुई। सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे, लेकिन बैंकिंग और मीडिया सेक्टर पर सबसे ज्यादा बिकवाली का असर पड़ा।
किन सेक्टरों पर पड़ा दबाव?
बाजार में बिकवाली का मुख्य दबाव बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और मीडिया शेयरों पर रहा। बड़े बैंक जैसे ICICI बैंक, HDFC बैंक और कुछ मीडिया कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली हावी हो गई। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे हेवीवेट शेयरों की कमजोरी ने इंडेक्स को नीचे खींचा।
दूसरी तरफ, ऑटो, आईटी और कुछ डिफेंस सेक्टर के शेयरों में हल्की रिकवरी देखी गई, जिसने बाजार को और ज्यादा गिरने से बचाया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे, जहां चुनिंदा खरीदारी जारी रही।
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
घरेलू बाजार की सुस्ती के बावजूद वैश्विक स्तर पर माहौल सकारात्मक था। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी, जहां डाउ जोन्स और नैस्डेक में मजबूती दिखी।
यह सकारात्मक ग्लोबल क्यू बाजार को सहारा दे रहे थे, लेकिन साल के अंत में कम वॉल्यूम के कारण घरेलू निवेशक ज्यादा रिस्क लेने से बच रहे थे।
FII की बिकवाली, DII ने संभाला मोर्चा
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) दिसंबर महीने में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। 24 दिसंबर तक FII ने करीब 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री की थी। इस ट्रेंड के जारी रहने की आशंका से बाजार पर दबाव बना हुआ है।
विपरीत इसके, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) मजबूत खरीदार बने हुए हैं। दिसंबर में अब तक DII ने 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की है। यह घरेलू निवेशकों का भरोसा बाजार को बड़ी गिरावट से बचा रहा है। पिछले कई महीनों से यही पैटर्न देखा जा रहा है, जहां FII की बिकवाली को DII की खरीदारी ने बैलेंस किया।
पिछले सत्र और आगे की दिशा
क्रिसमस से पहले 24 दिसंबर को बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 116 अंक नीचे 85,408 पर और निफ्टी 35 अंक गिरकर 26,142 पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि साल के अंतिम दिनों में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम और मुनाफावसूली के कारण उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, मजबूत घरेलू खरीदारी और वैश्विक सकारात्मक संकेतों से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिल रहा है। निफ्टी का महत्वपूर्ण सपोर्ट 26,000 के स्तर पर है, जो टूटने पर और दबाव बढ़ सकता है। ऊपरी स्तर पर 26,300 प्रतिरोध बन सकता है।
कुल मिलाकर, बाजार में सतर्कता का माहौल है, लेकिन लंबी अवधि का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। निवेशकों को चुनिंदा क्वालिटी शेयरों पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है। नए साल की शुरुआत में कमाई सीजन और बजट से नई दिशा मिल सकती है।
