Middle East crisis : मध्य-पूर्व (Middle-East) में जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिका और इज़राइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी तीसरी और सबसे बड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में होने वाले हमले केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक मनोरंजन क्षेत्रों को भी लक्षित किया जा सकता है।
पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी: जनरल शेकारची का बयान
Middle East crisis ईरान के वरिष्ठ सैन्य प्रवक्ता, जनरल अबोलफज्ल शेकारची ने वैश्विक समुदाय को चौंकाते हुए कहा कि अब दुश्मनों के लिए पार्क, मनोरंजन केंद्र और पर्यटन स्थल सुरक्षित नहीं रहेंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान इस बात का संकेत है कि ईरान अब हाइब्रिड वॉरफेयर और प्रॉक्सी हमलों के जरिए मध्य-पूर्व के बाहर भी दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।
मिसाइल निर्माण क्षमता पर ईरान का दावा
Middle East crisis ईरान के पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने हालिया हवाई हमलों के बावजूद अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है। जनरल अली मोहम्मद नाइनी ने ‘IRAN’ अखबार को दिए साक्षात्कार में पुष्टि की थी कि युद्ध की स्थिति के बाद भी देश की मिसाइल निर्माण क्षमता सुरक्षित और सक्रिय है। उन्होंने दावा किया कि मिसाइलों के स्टॉकपाइलिंग (भंडारण) में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि, इस बयान के कुछ समय बाद ही ईरानी सरकारी टेलीविजन ने एक हवाई हमले में जनरल नाइनी की मृत्यु की पुष्टि कर दी।
मुजतबा खामेनेई का कड़ा रुख और खाड़ी देशों पर असर
Middle East crisis ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई, जो अपने पिता अली खामेनेई के निधन के बाद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं, ने सीधे तौर पर दुश्मनों की “सुरक्षा” छीन लेने की कसम खाई है।
तनाव का असर अब पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है:
- कुवैत: शुक्रवार सुबह ईरानी ड्रोनों ने कुवैत की मिना अल-अहमदी रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। यह रिफाइनरी रोजाना $7,30,000$ बैरल तेल प्रोसेस करती है।
- दुबई और सऊदी अरब: ईद अल-फित्र के जश्न के दौरान दुबई में कई हवाई हमलों की कोशिश की गई, जिन्हें एयर डिफेंस ने नाकाम कर दिया। वहीं, सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत की ओर आ रहे कई ड्रोनों को मार गिराया।
ऊर्जा बाजार और वैश्विक दबाव
Middle East crisis इज़राइल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने ऊर्जा साइट्स पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। रमजान और ईद के पवित्र दिनों में हुए इन हमलों ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) पर भी भारी दबाव बना दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की संभावित बंदी ने दुनिया भर की आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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