by-Ravindra Sikarwar
मऊगंज, मध्यप्रदेश: मऊगंज जिले के हनुमना ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) कार्यालय में पदस्थ एक सरकारी शिक्षक का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शिक्षक को एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में लड़कियों के साथ अभद्र तरीके से नाचते, पैसे लुटाते, गाली-गलौज करते और हाथापाई करते हुए देखा जा रहा है। इस घटना ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है और शिक्षक की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
वायरल वीडियो में शिक्षक की शर्मनाक हरकतें:
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो किसी स्थानीय ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम का प्रतीत होता है। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि हनुमना जनपद शिक्षा केंद्र में सीएसी (क्लस्टर अकादमिक समन्वयक) और पहाड़ी शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक जगतनाथ साकेत बताए जा रहे हैं। वीडियो में शिक्षक मंच पर नाचते-गाते हुए इतनी मर्यादाहीन हरकतें करते दिख रहे हैं कि उन्होंने सार्वजनिक मंच की सारी हदें पार कर दीं। नाच-गाना, खुलेआम गाली-गलौज, नोटों की बारिश और स्टेज पर हाथापाई जैसी ये सभी गतिविधियां कैमरे में कैद हो गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में शर्म और आक्रोश का माहौल है।
BRC का चौंकाने वाला और विवादित बयान:
जब इस पूरे मामले को लेकर हनुमना के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था। उन्होंने शिक्षक की अमर्यादित हरकतों को यह कहकर सही ठहराने की कोशिश की कि:
“अवकाश के दिन चल रहे हैं, एंजॉय न करें क्या? क्या शिक्षक हो जाने से सारी इच्छाएं मर जाती हैं? क्या शिक्षक बच्चा पैदा न करें?”
BRC का यह बयान आग में घी डालने का काम कर गया है। इस बयान की चौतरफा निंदा हो रही है और यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या शिक्षा विभाग में ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों को स्वीकार किया जाएगा।
BRC पर पत्रकार को पैसे देने का आरोप:
इस पूरे मामले में BRC पर एक गंभीर आरोप भी सामने आया है कि उन्होंने इस मामले को दबाने के लिए एक पत्रकार को पैसे देने की कोशिश की। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह मामले की गंभीरता को और बढ़ा देगा और शिक्षा विभाग की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाएगा।
शिक्षा विभाग की चुप्पी और समाज में रोष:
जहां एक शिक्षक को राष्ट्र निर्माता और ईश्वर तुल्य माना जाता है, वहीं इस घटना ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद से लोग शिक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या शिक्षा विभाग इस मामले में कोई सख्त कदम उठाता है और गुरु की गरिमा को बहाल करता है, या यह मामला भी सिर्फ एक वायरल वीडियो बनकर ही रह जाएगा। इस मामले पर शिक्षा विभाग की चुप्पी लोगों के बीच और भी ज्यादा रोष पैदा कर सकती है।
