Report by: Ishu Kumar
Mathura : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने मथुरा प्रवास के दौरान शुक्रवार को भक्ति और अध्यात्म के केंद्र वृंदावन पहुँचीं। यहाँ उन्होंने ‘श्रीहित राधा केलि कुंज’ आश्रम में सुप्रसिद्ध संत श्री प्रेमानंद जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। राष्ट्रपति और संत के बीच हुई इस शिष्टाचार भेंट ने पूरे आश्रम परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। राष्ट्रपति का यह दौरा देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।

भव्य स्वागत और आध्यात्मिक चर्चा: अध्यात्म व जनकल्याण पर संवाद
Mathura आश्रम पहुँचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों और परिकरों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू और महाराज जी के बीच अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्तालाप हुआ।
- चर्चा के मुख्य बिंदु: इस भेंट के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र अध्यात्म, निःस्वार्थ सेवा और समाज के कल्याण का मार्ग रहा।
- श्रद्धा भाव: राष्ट्रपति ने महाराज जी के सरल जीवन, उनकी अडिग कृष्ण भक्ति और उनके द्वारा समाज को दिए जाने वाले सादगीपूर्ण उपदेशों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने महाराज जी के स्वास्थ्य और उनके सेवा कार्यों की भी सराहना की।

संत प्रेमानंद जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं और मंगल आशीर्वाद
Mathura यह मुलाकात इसलिए भी विशेष रही क्योंकि गुरुवार को ही संत प्रेमानंद जी महाराज का जन्मदिन था। राष्ट्रपति मुर्मू ने महाराज जी को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उन्हें जन्मदिवस की हार्दिक बधाई दी।
संत प्रेमानंद जी ने भी अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में ‘राधे-राधे’ कहकर राष्ट्रपति का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने राष्ट्रपति को देश के सर्वोच्च पद की गरिमा बनाए रखने और जनकल्याण के कार्यों में सफलता के लिए अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। आश्रम में मौजूद भक्तों के लिए देश की प्रथम नागरिक और एक महान संत का यह मिलन अविस्मरणीय रहा।
अयोध्या के बाद मथुरा आगमन: भक्तिमय रहा राष्ट्रपति का दौरा
Mathura शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति ने अपने दिन की शुरुआत आध्यात्मिक कार्यक्रमों से की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्होंने मथुरा के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अयोध्या धाम के दौरे पर थीं, जहाँ उन्होंने:
- राम मंदिर दर्शन: प्रभु रामलला की आरती की और देशवासियों के कल्याण की कामना की।
- श्री राम यंत्र स्थापना: मंदिर में 150 किलोग्राम सोने से जड़ित विशेष ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना कर एक ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया। अयोध्या की पावन नगरी से सीधे मथुरा पहुँचकर राष्ट्रपति ने अपनी इस धार्मिक यात्रा को पूर्ण किया।
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